बुढ़ाना पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पशु चोर गिरोह के सरगना सहित चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से चोरी की तीन कारें, चार गाय, दो तमंचे, कारतूस और छूूरी बरामद की। सीओ ने बताया कि पकड़े गए पशु चोरों में से तीन पशु चोर अविवाहित हैं। वो अपना व अपनी प्रेमिकाओं का शौक पूरा करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं।
बुढ़ाना सीओ विजय प्रकाश ने बताया कि इंस्पेक्टर यशपाल सिंह को सोमवार सुबह गांव बसी खुर्द रोड तिराहे पर बदमाशों के होने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हरियाणा नंबर की बोलेरो को घेर लिया। इस पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग करते हुए घेर कर चार बदमाशों को पकड़ लिया।
पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से दो तमंचे, कारतूस, दो छूरी, 7500 रुपये की चोरी की नकदी, बागपत जनपद के बड़ौत से चोरी की गई हरियाणा नंबर की बोलेरो, दिल्ली नंबर की आल्टो व मारुति जैन कार बरामद की। बोलेरो में खतौली क्षेत्र से चोरी करके लाई गई एक गाय भी पुलिस ने बरामद की। पूछताछ के बाद पुलिस ने बदमाशों की निशानदेही पर तीन गाय बरामद की।
पशु चोर गिरोह का खुलासा करते हुए पत्रकार वार्ता में सीओ विजय प्रकाश और इंस्पेक्टर यशपाल सिंह ने बताया कि पकड़ा गया पशु चोर सचिन पुत्र राजकुमार, बागपत जिले के कसबा बड़ौत का रहने वाला है। वह इस गिरोह का सरगना है। साजिद पुत्र मोहब्बत, मुस्तफा पुत्र मुमताज व तरुण पुत्र हर्षवर्धन चीनी मिल भैंसाना के पीछे बस्ती के रहने वाले हैं। सीओ ने बताया कि तीन पशु चोर अविवाहित हैं। अपनी प्रेमिकाओं को महंगे-महंगे फोन देने के लिए ये पशु चोरी की वारदातों को अंजाम देते है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि उनके क्षेत्र के गांव राजपुर गढ़ी व कमरूदीननगर से कई पशु चोरी हो गए थे। ये पशु चोर चुुराकर बोलेरो में पशुओं को लादकर ले जाते है। उन्हें पकड़ने के लिए उन्होंने एक टीम गठित की थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ बड़ौत, बागपत तथा बुढ़ाना में चोरी व आर्म्स एक्ट के कई- कई मुकदमे दर्ज है।
गिरोह के सरगना ने अपने गिरोह के कई सदस्यों के नाम बताए है, जिनको दबिश देकर गिरफ्तार किया जाएगा। पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी पशु चोरों का चालान कर जेल भेज दिया। पुलिस मुठभेड़ के दौरान इंस्पेक्टर यशपाल सिंह के साथ वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक सोबीर नागर, देवा सिंह के अलावा चार पुलिस कर्मी शामिल रहे।