शहर में सुजड़ू चुंगी स्थित नर्सिंगहोम में भर्ती युवक की दिल्ली रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में हुई मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने नर्सिंगहोम में जमकर बवाल काटा। भीड़ ने नर्सिंगहोम में जमकर तोड़फोड़ की। पूर्व सांसद कादिर राना और वहलना चौकी इंचार्ज से भी हाथापाई की गई। पूर्व सांसद कादिर राना के समर्थकों के पहुंचने से मौके पर टकराव के हालात बन गए। ऐन वक्त पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। शहर कोतवाली पुलिस ने नर्सिंग होम संचालक की तहरीर पर संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव सांझक निवासी अरशद पुत्र लताफत को एक अगस्त को पेट दर्द की शिकायत पर सुजड़ू चुंगी स्थित डॉक्टर रिजवान के दीवान हॉस्पिटल एवं यूरोलॉजी सेंटर में भर्ती कराया गया था। अरशद को पित्त की थैली में पथरी थी, जिसका उसी दिन डॉक्टर द्वारा दूरबीन विधि से ऑपरेशन किया गया। लताफत पक्ष के अनुसार ऑपरेशन के बाद युवक की ब्लीडिंग नहीं रुकी तो तीन अगस्त को उसकी ओपन सर्जरी की गई, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
इसके बाद आठ अगस्त को उसे खून भी चढ़ाया गया, लेकिन युवक की हालत में सुधार नहीं हुआ। लगातार बिगड़ती हालत देख हॉस्पिटल से सोमवार तड़के युवक की हालत नाजुक बताते हुए उसे सीधे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन उसे दिल्ली ले गए, लेकिन रास्ते में ही अरशद ने दम तोड़ दिया, जिसे जीबी पंत हॉस्पिटल में मृत घोषित कर दिया गया। इस पर पीड़ित परिजन युवक की लाश को लेकर एंबुलेंस से दीवान हॉस्पिटल पहुंचे। इस बीच काफी संख्या में युवक की मौत की सूचना पर काफी लोग एकत्र हो गए थे।
इसके बाद गुस्साई भीड़ ने हॉस्पिटल में घुसकर हंगामा करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। उसी समय पूर्व सांसद कादिर राना भी हॉस्पिटल में मौजूद थे। हंगामा होते देख कादिर राना ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया। भीड़ ने कादिर राना के साथ हाथापाई कर दी। पूर्व सांसद के साथ मौजूद लोग उन्हें भीड़ से बचाकर हॉस्पिटल से बाहर लाए, तो वहां भी उनके साथ मारपीट की गई, जिससे वे घायल हो गए। सूचना पर वहलना चौकी इंचार्ज एसआई राधेश्याम मौके पर पहुंचे तो उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।
इसी बीच पूर्व सांसद से मारपीट की सूचना मिलते ही सुजड़ू से उनके समर्थक बड़ी संख्या में हॉस्पिटल पहुंच गए, जहां टकराव के हालात उत्पन्न हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी हरीश भदौरिया व शहर कोतवाली इंस्पेक्टर अनिल कपरवान फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। मौके से रालोद किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष इरशाद समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शहर इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि डॉ रिजवान की तहरीर पर मृत अरशद के पिता लताफत को नामजद करने के साथ ही करीब डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
मेरा इस हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है, जिसके लिए मैं आज यहां डॉक्टर से मिलने आया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने हंगामा कर दिया। भीड़ को शांत कराने की कोशिश की। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने मेरे साथ भी बदसलूकी करते हुए हाथापाई की।
- पूर्व सांसद कादिर राना
पूर्व सांसद के समर्थकों में आक्रोश पनपा
सुजड़ू चुुंगी स्थित दीवान हॉस्पिटल एवं यूरोलॉजी सेंटर में सांझक के युवक की मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने पूर्व सांसद कादिर राना से भी हाथापाई कर दी। इसकी सूचना पास में स्थित गांव सुजड़ू में पहुंची तो उनके समर्थकों में आक्रोश फैल गया। आनन-फानन में ही सुजड़ू से पूर्व सांसद के सैकड़ों समर्थक हाथों में लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े, जहां उनका सांझक के ग्रामीणों से आमना-सामना हो गया। दोनों पक्षों के बीच टकराव होता, इससे पहले ही घटना की सूचना मिलने पर सीओ सिटी व शहर कोतवाल फोर्स के साथ मौके पर जा पहुंचे और हंगामा कर रही भीड़ पर लाठियां फटकारते हुए बवालियों को खदेड़ दिया।
रालोद नेता को छुड़ाने के लिए लगा रहा तांता, भेजा जेल
मुजफ्फरनगर। दीवान हॉस्पिटल में भर्ती युवक की मौत के बाद हुए हंगामे पर काबू पाने के पश्चात पुलिस ने मौके से नौ लोगों को हिरासत में ले लिया। इनमें रालोद किसान प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष इरशाद भी शामिल था। इरशाद को हिरासत में लिए जाने के बाद रालोद व भाकियू के नेता शहर कोतवाली में पहुंचने शुरू हो गए, लेकिन पुलिस ने तमाम दबाव को दरकिनार करते हुए रालोद नेता को ही बवाल की जड़ बताते हुए उसे छोड़ने से न केवल इंकार कर दिया, बल्कि शाम होते-होते इरशाद समेत चार लोगों को जेल भी भेज दिया। इस पर रालोद नेता थाने से बैरंग लौट आए।
चार को भेजा जेल, पांच का शांतिभंग में चालान
मुजफ्फरनगर। सुजड़ू चुंगी पर हुए बवाल में पुलिस ने कुल दस लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें रालोद नेता इरशाद व मृतक युवक का पिता लताफत भी शामिल था। बाद में लताफत को उसके बेटे की मौत होने के चलते सहानुभूति के तौर पर छोड़ दिया गया, लेकिन दबाव बनाने के बावजूद इरशाद को छोड़ने से पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि हिरासत में लिए गए नौ लोगों में से रालोद नेता इरशाद के साथ ही इमरान, वसीम व निसार को जेल भेज दिया गया है। वहीं, अन्य पांच लोगों मेहराज, शेरू, असलम, शादाब व राशिद का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया है
पुलिस की तरफ से भी हो सकती है एफआईआर
मुजफ्फरनगर। सुजड़ू चुुंगी स्थित हॉस्पिटल में हुए बवाल में पुलिस की तरफ से भी सांझक के ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है। दरअसल, हॉस्पिटल में हंगामा व तोड़फोड़ की सूचना पर वहलना चौकी इंचार्ज एसआई राधेश्याम सबसे पहले मौके पर पहुंचे थे, जहां उनके साथ भी भीड़ ने धक्कामुक्की कर दी थी। इस पर एसआई ने अफसरों को मामले से अवगत कराते हुए फोर्स की मांग की थी। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि मामले में फिलहाल केवल डॉक्टर रिजवान की तहरीर पर ही एफआईआर दर्ज की गई है। यदि आला अफसरों के निर्देश मिलते हैं तो पुलिस की तरफ से भी भीड़ के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।