मंसूरपुर के गांव नौना निवासी सुरेंद्र (65) पुत्र आशा परिवार में चार भाई थे। एक भाई मदन की 25 वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई थी। परिवार व रिश्तेदारों ने मदन के मरने के बाद उसकी पत्नी कुसुम को सुरेंद्र पर बैठा दी थी। दोनों पति, पत्नी के रूप में रह रहे थे।
पुलिस के मुताबिक परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर काफी समय विवाद चला आ रहा था। बृहस्पतिवार की शाम करीब 6 बजे सुरेंद्र घर से जंगल में अपने खेतों में पानी चलाने के लिए गया था। रात के आठ बजे बिजली चली जाने के बाद भी सुरेंद्र घर नहीं लौटा। पिता को देखने के लिए उसका बेटा मनुज जंगल में गया।
मनुज यूपी पुलिस में सिपाही है। उसको जंगल में ट्यूबवेल से पहले पिता की साइकिल पड़ी मिली। वह और आगे गया तो उसको गोली लगा पिता का शव खेत में पड़ा मिला। सुरेंद्र की कनपटी में गोली मारी गई थी। इतना ही नहीं उसके गले पर भी निशान थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौैके पर पहुंची। पुलिस ने रात में ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शुक्रवार को सुरेंद्र की पत्नी कुसुम की तहरीर पर पुलिस ने मृतक के दो सगे भाई नरेंद्र व वेदपाल तथा भतीजे सुधरी व छोटू के विरुद्ध 302 व 120 बी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इंस्पेक्टर अमरेश सिंह बघेल का कहना है कि हत्या का कारण जमीन की रंजिश है। इसके बावजूद जांच पड़ताल करने के बाद ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।