मेरठ पुलिस की जांच में फरार चल रहे खतौली के सुबोध शर्मा की हत्या के आरोपी ड्रग बाबू धर्मेंद्र कुमार अपने ऑफिस में मेडिकल लीव पर हैं। बाकायदा बाबू ने एक निजी डॉक्टर का मेडिकल सर्टिफिकेट जमा कराया है। कमर दर्द का धर्मेंद्र का मेडिकल लीव 16 मई की शाम पांच बजे तक का है।
28 अप्रैल की रात मेरठ में हाईवे पर एक फार्म हाउस में शादी के दौरान बाहर सड़क पर खतौली के सुबोध शर्मा की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में सुबोध शर्मा के परिजनों ने जिले के पूर्व डीआई राजेश यादव, ड्रग बाबू धर्मेंद्र, खतौली के नेता राजवीर टीटू सहित सहित छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। हत्या के बाद से ही आरोपियों को पकड़ने के लिए मेरठ पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस की कार्रवाई भी ढीली चल रही है। इस मामले में ड्रग बाबू धर्मेंद्र दो मई से 15 दिन के मेडिकल लीव पर चल रहे हैं। हत्या में आरोपी होने के बाद उसने एक निजी डॉक्टर से कमर के दर्द का मेडिकल बनवाया और ऑफिस भिजवा दिया। मेरठ पुलिस के कागजों में धर्मेंद्र बाबू जहां फरार हैं, वहीं सरकारी रिकार्ड में वह मेडिकल लीव पर हैं। 16 मई की शाम पांच बजे मेडिकल लीव का समय पूरा हो जाएगा।
मेडिकल शासन को फॉरवर्ड किया
मुजफ्फरनगर। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनीस्ट्रेटिव के अभिहीत अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि अटेंडम मेडिकल दिया गया है, जिसे हेडक्वार्टर को फॉरवर्ड कर दिया गया है। मेरठ पुलिस ने हत्या के मामले में कोई सूचना विभाग को नहीं दी है। जिला प्रशासन को भी मेरठ पुलिस ने सूचित नहीं किया है। उधर, खाद्य विभाग एवं औषधि प्रशासन के नोडल अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट नईम अहमद ने कहा कि किसी भी मामले में कार्रवाई विभागीय अधिकारी ही करते हैं। कार्रवाई करने का मेरा अधिकार नहीं है।