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पिता को गन प्वाइंट पर लिया और कमरे में सो रहे बेटे को धारदार हथियार से काट डाला

Sat, 23 Sep 2017 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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युवक के पिता से जानकारी लेते सीओ। - फोटो : अमर उजाला
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खतौली में मकान में घुसे तीन नकाबपोश बदमाशों ने बृहस्पतिवार देर रात पिता को गन प्वाइंट पर लेकर कपड़ा कारोबारी की धारदार हथियारों से हत्या कर दी। पुलिस ने शुक्रवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और घटना के बारे में परिजनों से पूछताछ की। मामले की जांच की जा रही है।
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मोहल्ला इस्लामनगर निवासी रफीक का पुत्र नौशाद (25) पैंठ में कपड़ा बेचने का कारोबार करता था। पुलिस के मुताबिक बृहस्पतिवार देर रात करीब तीन बजे नकाबपोश तीन बदमाशों ने दरवाजा खटखटा कर रफीक का नाम पुकार कर आवाज लगाई। रफीक अपने मकान की बैठक में सोया हुआ था। उसने समझा कि मोहल्ले के लोग उसको सुबह की नमाज पढ़ने मस्जिद के लिए उठाने आए हैं।

रफीक ने दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खोलते ही तीनों बदमाश अंदर घुस गए और मेन दरवाजा बंद कर दिया। एक बदमाश ने रफीक की कनपटी पर तमंचा सटा दिया और उसको बंधक बनाकर बैठ गया। दो बदमाश अंदर कमरे में घुसे, इन बदमाशों ने कमरे में सो रहे नौशाद की चारपाई पर ही सिर में धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी। 
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इस दौरान रफीक ने समझा कि बदमाश अंदर कमरे में लूटपाट कर रहे हैं। नौशाद की हत्या कर दोनों बदमाश कमरे से बाहर निकले और अपने तीसरे साथी को लेकर मेनगेट का दरवाजा खोलकर रफीक को गोली मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद रफीक कमरे में गया। उसने देखा कि नौशाद का लहूलुहान शव चारपाई पर पड़ा है। रफीक ने शोर मचा दिया। शोर मचाने पर परिवार के लोग जाग गए और मोहल्ले के लोग भी अपने घरों से बाहर निकलकर रफीक के घर पहुंचे। 

मोहल्ले के लोगों ने नौशाद का शव देखकर रात में ही पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुक्रवार सुबह घटना की सूचना पर सीओ डॉ. राजीव कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। सीओ ने घटनास्थल का मौका मुआयना कर परिजनों से भी पूछताछ की। पुलिस ने पिता रफीक की ओर से तीन अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

भाई के मर्डर की भनक बहन को नहीं लग पाई  
खतौली। कपड़ा कारोबारी नौशाद की हत्या की भनक बरामदे में सो रही उसकी बहन तक को नहीं लग सकी। इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि घटना के वक्त मकान की बैठक में पिता रफीक सोया हुआ था। अंदर बरामदे में नौशाद की बहन तमन्ना सो रही थी। जिस जगह बहन सो रही थी, उस जगह से तीन कदम की दूरी पर कमरे के अंदर चारपाई पर भाई नौशाद सोया हुआ था।

मकान के द्वितीय मंजिल पर बने दो कमरों में रफीक के दो पुत्र दिलशाद और इरशाद अपने बीवी-बच्चों के साथ सो रहे थे। रफीक का तीसरा बेटा तृतीय मंजिल के कमरे में सोया हुआ था। इंस्पेक्टर का कहना है कि बरामदे में सो रही बहन तमन्ना से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि बदमाशों को उसने भाई की हत्या करते हुए नहीं देखा और न ही उसको घटना की भनक लगी। पिता के शोर मचाने पर ही भाई की हत्या का पता चला।  

नौशाद का युवकों से झगड़ा भी हुआ था 
इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि जांच-पड़ताल करने पर पता चला है कि बृहस्पतिवार शाम बुढ़ाना रोड पर कुछ युवकों से नौशाद का झगड़ा भी हुआ था। झगड़े की जानकारी पुलिस को मोहल्ले के लोगों से पूछताछ करने के बाद पता चली है। इंस्पेक्टर का कहना है कि नौशाद की हत्या रंजिशन भी हो सकती है, वह नशा भी करता था। मृतक का एक रिश्तेदार अपराधी बताया गया है। नौशाद हत्याकांड का खुलासा करने को रंजिशन और आपराधिक मामलों से भी जोड़कर जांच-पड़ताल की जा रही है। 

25 अक्तूबर को मेरठ से होना था निकाह 
पिता रफीक ने बताया कि नौशाद का अगले महीने 25 अक्तूबर को निकाह होना था। रिश्ता मेरठ के नूरनगर में तय हुआ था। शुक्रवार को लड़की पक्ष के लोग लाल खत लेकर आने वाले थे। लाल खत आने पर ही विवाह की सभी रस्म रिवाजों पर लड़की पक्ष के परिजनों से बात तय होनी थी। परिवार में खुशी का माहौल था। नौशाद की हत्या से परिवार में मातम पसरा हुआ है। उधर, मेरठ में लड़की पक्ष के परिवार की खुशी गम में बदल गई। 
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