तितावी थाना पुलिस अपनी कार्यप्रणाली के चलते लगातार चर्चाओं के घेरे में है। मालखाने से लाखों कीमत की शराब के बाद रिवाल्वर-कारतूस गायब होने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर दिया। मामले का खुलासा होने पर एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड करने के साथ ही सिपाही को भी लाइन हाजिर कर दिया है।
तीन दिन पूर्व मालखाने में रखी माल मुकदमाती शराब की 486 पेटियां गायब कर दी गईं थीं, जिसकी कीमत 12 लाख रुपये से अधिक थी। वहीं, मालखाने की जांच के दौरान वहां रखी माल मुकदमाती एक रिवाल्वर व कारतूस भी गायब मिली। उक्त दोनों मामलों में मालखाना इंचार्ज हेडकांस्टेबल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ ही उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।
अब तितावी थाना पुलिस की एक ओर कारगुजारी सामने आई है, जिसमें बघरा चौकी पुलिस ने क्षेत्र के एक गांव में युवती को बंधक बनाकर किए गए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपियों से साज खाकर उनका शांतिभंग की आशंका की मामूली धाराओं में चालान कर दिया। मामले की शिकायत होने पर कराई गई जांच में आरोपों की पुष्टि हुई, जिसके बाद एसएसपी सुुधीर कुमार सिंह ने दरोगा जितेंद्र सिंह को सस्पेंड करते हुए आरक्षी कामेंद्र को भी लाइन हाजिर कर दिया है।
वहीं, पूरे मामले में एसपी देहात आलोक शर्मा को जांच के निर्देश दिए गए हैं। एसपी देहात का कहना है कि जांच के लिए विभागीय टीम का गठन किया गया है, जो जांच पूरी कर उन्हें रिपोर्ट करेगी, जिसके बाद आला अफसरों को पूरी जांच रिपोर्ट से अवगत कराया जाएगा। मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।