पूरनपुर। खाद्यान्न व्यापारी और शिंभुआ गेहूं खरीद केंद्र के ठेकेदार घनश्याम दीक्षित की हत्या के मामले में भागे हुए चल रहे पानीपत के कलंदर चौक निवासी जवाहर अरोड़ा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हत्याकांड के दो आरोपी अभी भी पुलिस पकड़ से दूर है। जबकि दो आरोपियों का पुलिस पहले ही चालान कर चुकी है। जो जमानत पर चल रहे हैं। गांव सबलपुर निवासी 48 वर्षीय घनश्याम दीक्षित की तीस जून को बाबा इकोहत्तरनाथ मंदिर से वापस लौटते समय हालत खराब हो गई थी। सीएचसी से जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते मेें उनकी मौत हो गई। पुलिस ने छह जुलाई को घनश्याम दीक्षित के पुत्र आदर्श दीक्षित की ओर से चार अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। बिसरा रिपोर्ट में जहर के सेवन से घनश्याम दीक्षित की हत्या होना स्पष्ट हुआ। जांच में पुलिस ने घनश्याम की हत्या ढाई करोड़ रुपये का गेहूं हड़पने को राइस मिलर समरवीर सिंह, उनके भतीजे गौरव सिंह और तीन अन्य को तमंचा के बल पर जहर पिलाकर हत्या करना पाया। पुलिस ने तीस अगस्त को समरवीर सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट के लिए चालान किया। नामजद उनके भतीजे गौरव सिंह ने कुछ दिन बाद कोर्ट में सरेंडर किया। तीन आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग पा रहे थे। कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि घटना में शामिल पानीपत के थाना किला के कलंदर साहब की दरगाह निवासी जवाहर अरोड़ा को शुक्रवार को गांव उदयकरनपुर नहर पटरी के समीप से गिरफ्तार कर कोर्ट के लिए चालान कर दिया गया। दो आरोपी अभी भी हाथ नहीं लग पाए हैं। शीघ्र ही उक्त दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर कोर्ट के लिए चालान किया जाएगा।