खतौली पुलिस ने सात बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर दो दिन पहले नेशनल हाईवे पर हुई चीनी से भरे ट्रक लूट की घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस ने लूटा गया ट्रक और 600 चीनी के कट्टे बरामद कर लिए। साथ ही अवैध असलहा और लूट में प्रयुक्त जायलो कार भी बरामद की। एसएसपी ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
एसएसपी अनंत देव ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में लूट की घटना के खुलासे की जानकारी दी। बताया कि 15 अक्तूबर रविवार रात को बदमाशों ने खतौली बाईपास हाईवे पर देवबंद शुगर मिल से दिल्ली जा रहे चीनी से भरे ट्रक को लूटा था। बदमाशों ने चालक राजेश और क्लीनर महावीर को बंधक बना कर 12 लाख रुपये की कीमत की 600 कट्टे चीनी के लूटे थे। खतौली इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने पुलिस टीम के साथ मुठभेड़ के दौरान सात बदमाशों को गिरफ्तार कर लूट का खुलासा किया।
पकड़े गए बदमाश इकराम पुत्र अबरार, वसीम पुत्र मंगता, मुकीम पुत्र निजामुदीन, कल्लू पुत्र शरीफ निवासीगण पुरकाजी, रियाजुल पुत्र नूरबख्श, राकेश पुत्र महावीर निवासीगण झीराहेड़ी लक्सर, सरफराज पुत्र शराफत निवासी भोजाहेडी, पुरकाजी की निशानदेही पर लूट गया ट्रक और 600 कट्टे चीनी के बरामद कर लिए। चीनी पुरकाजी में वसीम के गोदाम से बरामद की।
साथ ही पुलिस ने उनसे लूट में प्रयुक्त जायलो कार, दो तमंचे, कारतूस, छूरी भी बरामद की। एक बदमाश शहजाद पुत्र सईद निवासी लावलपुर, लक्सर फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस टीम में खतौली इंस्पेक्टर पीपी सिंह, एसआई जितेंद्र कुमार, ओमकार ङ्क्षसह, कपिल देव, कांस्टेबल कुलवंत, दीपक, रोहताश, विजय मावी, सोहनवीर शामिल रहे।
देवबंद मिल से ही पीछे लगे थे
मुजफ्फरनगर। एसपी सिटी ओमबीर सिंह ने बताया कि बदमाशों ने पहले से ही लूट की योजना बना रखी थी। बदमाश जायलो कार से देवबंद से ही ट्रक के पीछे लग गए थे। रात दस बजे जब खतौली बाइपास हाईवे पर पहुंचे तो बदमाशों ने सुनसान स्थान का फायदा उठा कर अपनी कार को ट्रक के आगे खड़ी कर ट्रक को रुकवाया और चालक और क्लीनर को बंधक बनाकर ईंख के खेत में डाल कर चीनी से भरा ट्रक लूट लिया।
खाली ट्रक को लाकर मौके पर छोड़ा था
सीओ खतौली डॉ राजीव कुमार ने बताया कि बदमाशों ने ट्रक लूटने के बाद पुरकाजी जाकर वसीम के गोदाम में तमाम चीनी उतार दी। योजना था कि यहां से चीनी को धीरे-धीरे बेच दिया जाएगा। इसके बाद बदमाश खाली ट्रक लेकर फिर से घटनास्थल पर पहुंचे और ट्रक को वहीं पर छोड़ दिया, ताकि पुलिस गुमराह हो जाए और यह सोचने लगे कि चालक और क्लीनर ने ही चीनी को बेचा है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए अधिकांश बदमाश शातिर किस्म है, जो पहले भी लूट की घटनाओं में जेल जा चुके है।