सिखेड़ा गांव में एक सप्ताह पहले हुई बुजुर्ग दंपति की हत्या रंजिश के चलते सुपारी देकर कराई गई थी। पुलिस ने वारदात का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे हत्या में प्रयुक्त दो तमंचे, दो खोखे और एक चोरी की बाइक बरामद की गई है। सुपारी देने का आरोपी अभी हाथ नहीं आया है।
सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव भिक्की में 24 अप्रैल की रात बुजुर्ग सतपाल शर्मा (65) और उनकी पत्नी सुभाष देवी (62) की हत्या कर दी गई थी। रविवार को ुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी सिटी संतोष कुमार मिश्रा ने दो आरोपियों को मीडिया के सामने प्रस्तुत कर बताया कि करीब चार माह पूर्व सतपाल शर्मा की गांव के ही कपिल से चकरोड को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी।
एसपी सिटी के मुताबिक, कपिल का भाई बोबी तभी से सतपाल से रंजिश रखता था और बदला लेने की ठान ली थी। उसने गांव के ही नरेंद्र उर्फ जग्गा से रुपयों के बदले सतपाल की हत्या करने की बात की। जग्गा ने अपने मित्र सहारनपुर के थाना नांगल के गांव गांगौली गुर्जर निवासी जोनी उर्फ उदयवीर पुत्र शेर सिंह को कत्ल करने के लिए तैयार किया।
दोनों ने सुपारी लेकर दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों के पास से 315 बोर के दो तमंचे, कारतूस के दो खोखे, दो कारतूस और एक चोरी की बाइक बरामद की। नरेंद्र पर सिखेड़ा थाने में ही करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। वह पहले भी लूट के मामले में जेल जा चुका है।
दूसरे हत्यारोपी जोनी उर्फ उदयबीर पर सिखेड़ा थाने के चार मुकदमे दर्ज हैं। हत्या कराने का आरोपी बोबी फरार है। आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में एसओ सिखेड़ा रोजंत त्यागी, एसआई जगपाल सिंह और नरेश भाटी, सर्विलांस टीम से सोनू शर्मा, रामी सिंह, सोनू कुमार और रविंद्र सिंह रहे।
नामजदों को मिलेगी क्लीन चिट
सतपाल शर्मा और उनकी पत्नी सुभाष देवी की घेर में हत्या के मामले में उनके पुत्र अजय की ओर से परिवार के ही राजकुमार व उसके पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। एसओ सिखेड़ा रोजंत त्यागी ने बताया कि असली हत्यारोपियों के पकड़े जाने के बाद आगे की कार्रवाई में नामजद आरोपियों के नाम विवेचना से निकालकर उन्हें क्लीन चिट दे दी जाएगी।
सोती रहती तो बच जातीं सुभाष देवी
पुलिस के मुताबिक, बोबी ने कातिलों से सिर्फ सतपाल शर्मा की हत्या करने को कहा था। हत्यारोपियों के अनुसार, जिस समय सतपाल को गोली मारी गई, तभी सुभाष देवी की आंख खुल गई। उन्होंने सारी वारदात को देख लिया था। जग्गा ने पहचान होने के डर से जोनी से उनकी भी हत्या करने को कहा। इस पर जोनी ने सुभाष देवी को भी दो गोली मार दी। दंपति की मौके पर ही मौत हो गई थी।
40 हजार रुपये में हुआ था हत्या का सौदा
सतपाल शर्मा की हत्या का सौदा बोबी ने नरेंद्र उर्फ जग्गा से 40 हजार रुपये में किया था। इसमें से 20 हजार रुपये पेशगी दिए गए थे। बाकी रकम हत्या के बाद दी जानी थी। नरेंद्र और उसके साथी जोनी ने दस-दस हजार रुपये रख लिए। वारदात के दौरान दोनों ने सतपाल की पत्नी सुभाष की भी हत्या कर दी।
सर्विलांस से हुआ सच का खुलासा
एसपी सिटी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि हत्या के खुलासे में सर्विलांस की टीम का विशेष सहयोग रहा। सर्विलांस टीम से सोनू शर्मा ने वारदात वाली रात को गांव में आने-जाने वाले सभी नंबरों को खंगाला। हत्यारोपियों के नंबर सर्च होने पर दोनों को पकड़कर पूछताछ की गई तो सच सामने आ गया।