खतौली (मुजफ्फरनगर)। कोतवाली में पुलिसकर्मियों के बीच बैठे करीब साढ़े चार साल के बच्चे को एक महिला अपना बेटा बताकर धोखे से ले गई। असली परिजन थाने पहुंचे तो पुलिस महकमे में खलबली मच गई। आरोपी महिला ने खुद को बिहार निवासी बताया था।
पुलिसकर्मियों ने महिला और बच्चे के फोटो भी मोबाइल से खींचे थे। इसके पुलिस और बच्चे के परिजन रेलवे स्टेशन पर आने जाने वाली ट्रेनों में महिला की तलाश में जुटे हैं। परिजनों का कहना है कि महिला बच्चों का अपहरण करने वाले गिरोह की सदस्य थी। उधर, महिला शाम को मेरठ में बस अड्डे पर बच्चे को रोडवेज बस में छोड़कर फरार हो गई। बच्चे के रोने पर चालक व परिचालक ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज ने बताया कि थाना सदर पुलिस बच्चे को थाने ले गई। पुलिस ने बच्चे से पूछताछ की। उसने अपने पिता और गांव का नाम बता दिया। पुलिस ने बच्चे को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया है।
मेरठ के हापुड़ रोड स्थित गांव अलीपुर निवासी सोनू अपनी पत्नी सहित परिवार की अन्य महिलाओं के साथ सोमवार सुबह मोहल्ला शिवपुरी निवासी रिश्तेदार कृष्णपाल प्रजापति के यहां तेरहवीं में शरीक होने के लिए आया। जानसठ तिराहे पर दोपहर एक बजे के करीब रोते-बिलखते हुए एक बच्चे को वहां ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड ने देखा।
होमगार्ड ने आसपास बच्चे के परिजनों को तलाशा, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बाद में होमगार्ड कोतवाली पहुंचकर बच्चे को पुलिसकर्मियों के सुपुर्द कर चला आया। कुछ देर बाद एक महिला रोने का नाटक करते हुए कोतवाली पहुंची। महिला ने पुलिसकर्मियों को बताया कि उसका नाम किरण है और वह बिहार की रहने वाली है। खतौली में मजदूरी करती है। महिला ने पुलिस को बताया कि वह रेलवे स्टेशन पर बिहार जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रही थी। अचानक उसका बच्चा वहां से लापता हो गया। महिला ने पुलिस को बताया कि क्या यह उसका बच्चा है।
पुलिसकर्मियों ने महिला और बच्चे के फोटो मोबाइल से खींचे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बच्चे को महिला के सुपुर्द कर दिया। महिला बच्चे को लेकर वहां से चली गई। उधर, सोनू की पत्नी और परिवार की महिलाओं को साढ़े चार वर्षीय मयंक कहीं खेलता हुआ नहीं दिखा, तो उसे तलाश करना शुरू कर दिया।
शाम तक सोनू और परिवार की महिलाएं बच्चे को तलाशते रहे। बाद में परिवार की महिलाएं बच्चे का पता करने के लिए कोतवाली पहुंचीं। पुलिसकर्मियों ने मोबाइल में खींचे महिला और बच्चे के फोटो दिखाए, तो परिवार के लोगों ने फोटो में मयंक को पहचान लिया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि बच्चा हमारा है, वह महिला धोखाधड़ी कर बच्चे को ले गई। पुलिस अपने साथ परिजनों को लेकर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। पुलिस ने स्टेशन पर आने-जाने वाली ट्रेनों के सभी डिब्बे में महिला को तलाश किया।
काफी तलाश करने पर भी पुलिस को महिला और बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस देर रात तक महिला को तलाश करने में लगी रही। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि महिला बच्चों के अपहरण करने वाले गैंग की महिला थी। महिला उनके बच्चे का अपहरण कर ले गई है।
उधर, पुरकाजी में बाइक से गिरकर हुई एक व्यक्ति की मौत की घटना में पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर इत्तफाकिया रिपोर्ट दर्ज कर पोस्टमार्टम के बाद शव को उसके परिजनों को सौंप दिया है। उत्तराखंड के थाना मंगलौर के ग्राम नजरपुरा निवासी बबलू कुमार का पुरकाजी थाना क्षेत्र के ग्राम बढ़ीवाला में क्लीनिक है।
शनिवार को उसका 40 वर्षीय छोटा भाई सुरेंद्र उससे मिलने ग्राम बढ़ीवाला में आया था, जहां से रात्रि के वक्त दोनों बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में ग्राम झबरपुर के पास बाइक का संतुलन बिगड़ने से दोनों बाइक से गिरकर घायल हो गए, जिसमें सुरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रविवार को मृतक के छोटे भाई भूपेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने इत्तफाकिया रिपोर्ट दर्ज कर शव को परिजनों को सौंप दिया है।
महिला को तलाशा जा रहा है: इंस्पेक्टर
इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज का कहना है कि लापता बच्चे को थाने से एक महिला ले गई है। उस महिला ने भी बच्चे को अपना बताया था। पुलिसकर्मियों ने मोबाइल से फोटो खींचकर बच्चे को महिला के सुपुर्द कर दिया था। अब दूसरे परिजन बच्चे को अपना बता रहे हैं। बच्चे को ले जानी वाली महिला को तलाश कराया जा रहा है। जांच-पड़ताल के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों का अपहरण करने की तीसरी घटना घटी
खतौली। नगर में बच्चा चोरों का गिरोह सक्रिय है। तीन महीने के भीतर बच्चे को ले जाने की यह तीसरी घटना है, जिनमें से एक बच्चे को अपहरणकर्ता छोड़कर फरार हो गया था। सोमवार को कोतवाली से पुलिसकर्मियों की आंखों में धूल झोंककर महिला साढ़े चार साल के मयंक को ले गई।
महिला ने रोने का इस कदर नाटक किया कि कोतवाली में मौजूद पुलिसकर्मियों को यकीन हो गया कि बच्चा उसी का है। इससे पूर्व 23 अक्तूबर को इस्लामाबाद भूड़ में बाग बस्ती निवासी गुलजार के डेढ़ साल के बच्चे जीशान का बाइक सवार दो बदमाश अपहरण कर ले गए थे। उस वक्त जीशान को घर के बाहर गुलजार के भाई की सात साल की बेटी गोद में लेकर खिला रही थी।
बच्चे का आज तक सुराग तक नहीं लग सका है। छह दिसंबर को गांव मोहद्दीनपुर रामकुमार पाल दूधिया की बहन सीमा गांव सलेमपुर से अपने बच्चों इशिका, मयंक और भोला के साथ मायके आई हुई थी। गांव से दिनदहाड़े सीमा के दो साल के पुत्र भोला का बाइक सवार बदमाश ने अपहरण कर लिया था। उसी रात करीब दस बजे के करीब पुलिस ने बालक को राजवाहे की पटरी से सकुशल बरामद कर लिया था। बाइक सवार बदमाश बालक को रात में ही छोड़कर फरार हो गया था। ब्यूरो