न्याजूपुरा में हुए अफ्शां हत्याकांड में पुलिस ने उसके पति और बहनोई को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया है। दोनों आरोपियों ने अफ्शां की बदचलनी के चलते उसकी हत्या कर लाश को बोरे में बंद कर काली नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव न्याजूपुरा में काली नदी से विगत पांच अप्रैल को प्लास्टिक के बोरे में बंद महिला की लाश बरामद हुई थी। लाश मिलने के अगले दिन सिखेड़ा क्षेत्र के गांव भंडूरा निवासी शमशेर ने उसकी शिनाख्त अपनी बहन नाजरीन पुत्र शमशाद के रूप में की थी, जिसकी सिखेड़ा थाने में गुमशुदगी भी दर्ज थी।
हालांकि बाद में उक्त नाजरीन अपने प्रेमी के साथ जयपुर में सही सलामत बरामद हो गई थी। इसके बाद गांव न्याजूपुरा निवासी नूर अहमद ने लाश की शिनाख्त तीन अप्रैल से लापता अपनी बेटी अफ्शां के रूप में की थी।
शहर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि जांच के दौरान अफ्शां की हत्या में शक के आधार पर उसके पति गांव न्याजूपुरा निवासी गुलशेर व शाहबुद्दीनपुर रोड निवासी बहनोई इरशाद उर्फ भूरा को हिरासत में लिया गया। दोनों ने पूछताछ के बाद अफ्शां हत्याकांड से पर्दा उठा दिया, जिसके चलते दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अफ्शां के बदचलन होने का खुलासा किया। बताया कि वह तीन बार घर से भाग चुकी थी। विगत तीन अप्रैल को भी अफ्शां ने घर से भागने की तैयारी की थी, लेकिन इसकी भनक लगने पर पति गुलशेर व बहनोई इरशाद उर्फ भूरा ने उसे भागने से पहले ही पकड़ लिया।
इसके बाद मारपीट कर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद दोनों ने लाश को चीनी के खाली बोरे में डालकर देर रात बोरे को काली नदी में फेंक दिया। हत्याकांड का खुलासा करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।