चरथावल (मुजफ्फरनगर)। कस्बे के मोहल्ला पीरगान के एक मकान में सिलेंडर फटने से हुए विस्फोट में एक महिला और तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई।
मकान में ही रखे पटाखों ने धमाके के साथ पूरा मकान उड़ा दिया। हादसे में आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें से एक को गंभीर हालत के चलते मेरठ रेफर किया गया है। सैकड़ों की भीड़ ने लोगों को मकान से बाहर निकाला। अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। विस्फोट की घटना से कसबे में दहशत व्याप्त है।
मोहल्ला पीरगान निवासी शराफत पुत्र सद्दीक के मकान में रविवार दोपहर करीब एक बजे यह भीषण हादसा हुआ। घर की महिला यासमीन (45) गैस पर खाना बना रही थी कि गैस लीकेज होने पर सिलेंडर ने आग पकड़ ली। मकान में बने हुए भारी मात्रा में पटाखे भी रखे थेे।
आग ने जल्द विकराल रूप धारण कर लिया और पटाखों को भी चपेट में ले लिया। सिलेंडर फटने से पटाखों में विस्फोट होने लगे। विस्फोट इतने जबरदस्त थे कि पूरा मकान उड़ गया। मकान के अंदर मौजूद सभी लोग मलबे में दब गए।
आसपास के लोगों ने तुरंत मलबे में दबे परिजनों को बाहर निकालकर कस्बे में सीएचसी भिजवाया, जहां से गंभीर हालत के चलते सभी को जिला चिकित्सालय भिजवाया गया। सूचना पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई।
जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान 45 वर्षीय यासमीन पत्नी नसीम, समर (2) पुत्र नसीम, आलिया (2) पुत्री शराफत और इसके छोटे भाई एक वर्षीय आहिल की मौत हो गई। घायलों में रुड़की से आए रिश्तेदार आसिफ को गंभीर हालत के चलते जिला चिकित्सालय से मेरठ रेफर कर दिया गया।
इसराना भी गंभीर रूप से घायल है, जिसका जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। हादसे में आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। सूचना पर एडीएम प्रशासन मनोज कुमार सिंह, एसडीएम सदर उज्ज्वल कुमार, सीओ सदर अतीक अहमद भारी फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों की सहायता से घायलों को उपचार के लिए पहुंचाया। घंटों बाद भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाई थी।
राहत कार्यों में दिखाई एकजुटता
चरथावल। सिलेंडर फटने के बाद मकान में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर वर्ग के लोगों में एकजुटता बेमिसाल थी। हजारों की भीड़ के बावजूद घायलों को एंबुलेंस से भिजवाने के लिए बाजार के व्यापारियों ने पहले से ही रास्ता साफ रखा।
रविवार को कस्बे के तीरग्रान मोहल्ले में वीभत्स घटना के बाद हर जाति और धर्म के लोगों ने अनुशासन और एकजुटता दिखाकर राहत कार्य शुरू कर दिए। दोपहर करीब 12 बजे जबरदस्त धमाके के बाद पूरा बाजार दहल उठा। धमाके के कारण चाहे जो हो, पर सबसे पहले मलबे में दबी जिंदगियों को निकालने के लिए पुलिस के साथ हर कोई जुटा था।
थानाध्यक्ष आनंद मिश्रा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए एंबुलेंस के न पहुंचने पर खुद राहत कार्यों से घायलों को निकालकर सरकारी जीप से सीएचसी में भिजवाना शुरू कर दिया।
जब भी घायलों को एंबुलेंस सीएचसी में छोड़कर आती, तो भीड़ में चारों तरफ यही आवाज थी कि जल्दी हटो, रास्ता छोड़ो.. की आवाज गूंज उठती थी। बाजार के पपनी कंसल समेत अनेक लोगों ने भीड़ पर काबू पाने के लिए ध्वस्त मकान के गेट पर पहरा बैठा दिया।
तीरग्रान मोहल्ले की तरफ रास्ते को रोकने के लिए बैरियर बनाया गया। हिंदू हो या मुस्लिम हर कोई चाहता था कि नन्हें बेकुसूर बच्चों की जान बच जाए। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से महिला यासमीन का पूरी तरह जला शव निकाला गया, तो हर किसी की आंखें छलक आईं।
धमाका इतना भयंकर था कि एक मकान की पूरी मंजिल मलबे में तब्दील हो गई और उससे सटे दूसरे परिजनों के पूरे मकान में दरारें आ गईं। पुलिस प्रशासन ने क्षतिग्रस्त मकान के साथ उसी सहन में दो मंजिला मकान में भी आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया। दोनों दरवाजों पर पुलिस तैनात कर दी गई।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
मुजफ्फरनगर। चरथावल में सिलेंडर से विस्फोट की घटना में हुई चार मौतों में कहीं ना कहीं वहां रखे पटाखे भी घटना का कारण बने हैं। एक वर्ष पूर्व पुरकाजी में भी इसी तरह से पटाखों में आग लगने से आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे।
रविवार को चरथावल में सिलेंडर विस्फोट की घटना में वहां रखे पटाखों ने विस्फोट को दोगुना कर दिया। जिस कारण पूरा मकान धराशायी हो गया और एक महिला के साथ तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। मकान स्वामी के भाई की पटाखों की फैक्ट्री है, जिस कारण मकान में भी पटाखे रखे थे।
नियमों के तहत कस्बे से बाहर स्थित फैक्ट्री में ही यदि पटाखे रखे होते तो शायद नुकसान कम होता। एक वर्ष पूर्व पुरकाजी में भी मकान में रखे पटाखों में इसी तरह आग लगने की घटना में आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। नियमों की अनदेखी के चलते इस तरह की घटनाएं होती हैं।
सीएफओ जेपी राठौर ने बताया कि चरथावल में फैक्ट्री कस्बे से बाहर है, पटाखे अंदर मकान में कैसे आए ये जांच की जा रही है। जिले में इस तरह की सभी फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी और मोहल्लों में पटाखे नहीं रखने दिए जाएंगे। रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मासूम की मौत पर मां का बुरा हाल
चरथावल। मलबे से निकालकर जैसे ही मां अपने एक साल के बच्चे आहिल को लेकर सीएचसी पहुंची, तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृत बच्चे को कमरे से उठाकर मां ने सड़क पर आकर जिंदगी की गुहार लगाई। ब्लॉक कार्यालय के सामने नामांकन के लिए परचा भरने वाले दर्जनों अधिवक्ता और ग्रामीण यह नजारा देख हक्के-बक्के रहे गए। गमजगदा मां रो-रोकर यही कहती रही कि मेरा बच्चा, मेरा बच्चा, इसे शहर के बड़े डॉक्टर को दिखाने ले चलो।
काफी देर तक उसे परिजन दिलासा दिलाते रहे, लेकिन अभागिन मां को क्या मालूम था कि अब उसकी नन्ही जान इस दुनिया में नहीं है।