एसएसपी दफ्तर में एसपी देहात से राकेश कुमार जौली से वार्ता करती लखनऊ से आई एफएसएल की टीम।
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मुजफ्फरनगर के घासीपुरा ट्रिपल मर्डर मामले में लखनऊ से आई एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एक घंटे तक चली जांच में टीम ने मकान के ऊपर-नीचे और अंदर-बाहर जाकर हर पहलू पर गौर किया। स्थानीय पुलिस से पूछताछ करने के बाद टीम ने एसएसपी से मुलाकात कर उन्हें जरूरी जानकारियां दीं।
घासीपुरा में बस्ती से बाहर जंगल में स्थित एक मकान की छत पर 21 सितंबर की रात तीन बदमाशों के गोली लगे शव मिले थे। मकान के बाहर तैनात फोर्स का कहना था कि बदमाशों ने खुद गोली मारकर आत्महत्या की है। मामले को लेकर मंसूरपुर थाने में मृतक के परिजनों ने हंगामा किया था और कोतवाल अमरेश कुमार बघेल पर फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगाया था। मामले की निष्पक्षता से जांच के लिए एसएसपी दीपक कुमार ने लखनऊ से विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को जांच के लिए बुलवाया।
मंगलवार सुबह करीब पौने दस बजे दो गाड़ियों में सवार छह सदस्यीय टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम के पहुंचने से पहले सिखेड़ा, नईमंडी, खतौली, मंसूरपुर आदि थानों का फोर्स और पीएसी तैनात की गई थी। टीम ने मकान का अंदर और बाहर से निरीक्षण किया। मकान के बाहर जंगल में पुलिस के खड़े होने की स्थिति का आंकलन किया। सीढ़ी लगाकर मकान की ऊंचाई को मापा गया। टीम द्वारा एक घंटे तक की गई जांच के दौरान सदस्यों ने आसपास के जंगल की भी खाक छानी। टीम के सदस्यों ने घटना की रात मौजूद रहे कई अधिकारियों से भी पूछताछ की।
जांच से पूर्व टीम ने मकान के बाहर 200 मीटर की परिधि में टेप लगाकर वहां आने-जाने वालों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।
जिस समय टीम जांच कर रही थी, उस दौरान लोगों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। जांच कार्य निपटाकर टीम जिला मुख्यालय पहुंची और एसएसपी दीपक कुमार से वार्ता कर उन्हें मामले की जरूरी जानकारियां दीं। टीम के निदेशक श्याम बिहारी उपाध्याय ने बताया कि घटना वाली रात मेरठ की एफएसएल टीम द्वारा जो सैंपल लिए गए थे, उन्हीं सैंपल की जांच की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि टीम का भी अनुमान है कि मृतकों ने खुद ही नजदीक से एक-दूसरे को गोली मारी थी। बाकि विस्तृत रिपोर्ट बाद में आएगी।