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पांच हत्यारोपियों को उमक्रैद

Sat, 05 Sep 2015 01:06 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना कस्बे में सोलह साल पहले हुई ममेरे भाईयों की हत्या के मामले के पांच आरोपियों को कोर्ट ने दोष सिद्व होने पर उम्र कैद की सजा सुनाई है। 1.65 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इसकी आधी धनराशि मृतक के परिजनों को देने के आदेश दिए गए हैं।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार बुढ़ाना कस्बे के मुहल्ला भटवाड़ा में 5 नवंबर 1999  को  दोहरा हत्याकांड हुआ था।
मुहल्ला पछाला निवासी नवीन उर्फ नीलू की भटवाड़ा निवासी सोमपाल के साथ एक नवंबर 1999 को किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी।

इसी बात को लेकर पांच नवंबर 1999 की देर शाम  जब नवीन अपने फुफेरे भाई भूषण निवासी उल्हेड़ा, सरधना के साथ भटवाड़ा मुहल्ले से होकर गुजर रहा था तो धारदार हथियारों और गोली मारकर दोनों की हत्या कर दी थी। मृतक नवीन के पिता घनश्याम ने सोमपाल, सतपाल, अजीत, उमेश, सुभाष आदि के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

 उक्त मुकदमा एडीजे पंचम मयंक चौहान की कोर्ट में चला। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीताराम आर्य ने कोर्ट में 11 गवाह पेश किए। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों और साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने उक्त पांचों लोगों को हत्या का दोषी पाया। शुक्रवार को कोर्ट ने अपना फै सला सुनाते हुए पांचों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 1.65 लाख का अर्थदंड भी लगाया गया है।
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दुराचारी को दस साल की कैद 
मुजफ्फरनगर। किशोरी को बहला-फुसला कर उसके साथ दुराचार करने के मामले में एडीजे अष्टम तृप्ता चौधरी ने दोषी पाए गए दुराचारी को दस साल की कैद और 45 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश हैं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार कांधला क्षेत्र के एक गांव की साढ़े 13 साल की किशोरी चार जुलाई 2013 को रिश्तेदारी में से अपने घर आ रही थी। बागपत के रमाला निवासी उपेंद्र पुत्र रतन सिंह रमाला के निकट बूढ़पुर हाल्ट के पास से किशोरी को बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया।

 उसने एक माह तक किशोरी का यौनाचार किया। पीड़िता के पिता की ओर से उसके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई। कांधला पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से किशोरी को बरामद किया था। यह मुकदमा एडीजे अष्टम तृप्ता चौधरी की कोर्ट में चला।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फिरोज अली ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी उपेंद्र को दोषी पाया। शुक्रवार को कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाते हुए दुराचारी को दस साल की सजा और विभिन्न धाराओं में 45 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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