पुरकाजी के गांव मांडला के दलित छात्र की कॉलेज से लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसकी लाश बरला-मांडला के बीच रजबहे के निकट सड़क किनारे पड़ी मिली। परिजनों ने किसी भी तरह की रंजिश से इंकार किया है। छात्र की हत्या से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस के मुताबिक अभी हत्या का कारण ज्ञात नहीं हो सका है।
पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव मांडला निवासी दलित छात्र रजत (22) पुत्र चंद्रपाल उर्फ टीटू छपार के बरला स्थित एमआईटी कॉलेज में बीएससी में अध्ययनरत था। वह सुबह घर से क़ॉलेज जाने के लिए निकला था। सोमवार की शाम करीब पांच बजे वह कॉलेज से पैदल ही घर लौट रहा था। इस बीच कॉलेज के कुछ छात्रों ने बरला-मांडला के बीच स्थित रजबहे के निकट सड़क किनारे रजत की लाश पड़ी देखी।
उसके सीने में गोली लगी थी। कॉलेज से लौट रहे अन्य छात्रों की सूचना पर पीड़ित परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजन रजत को लेकर बरला हॉस्पिटल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर थाना पुरकाजी और छपार पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। उसके पिता चंद्रपाल ने बताया कि बेटे का किसी से कोई रंजिश नहीं था। पुलिस ने छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने कहा कि पूरे मामले की जांच के बाद ही हत्या का कारण स्पष्ट हो सकेगा। अभी हत्या के कारणों की जांच जारी है।
हत्या के विरोध में किया हंगामा, रात में ही पोस्टमार्टम कराने के लिए थाना घेरा
मुजफ्फरनगर/पुरकाजी। बरला-मांडला मार्ग पर बीएससी के छात्र रजत की हत्या को लेकर पुलिस को पीड़ित परिजनों व ग्रामीणों का आक्रोश झेलना पड़ा। पहले गांव में लोगों ने पुलिस टीम को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान पुलिस टीम से धक्का-मुक्की की भी गई। बाद में रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर परिजनों ने थाने में हंगामा भी किया।
पुरकाजी क्षेत्र के गांव मांडला निवासी दलित छात्र रजत पुत्र चंद्रपाल की बरला के एमआईटी कॉलेज से लौटते समय बरला-मांडला मार्ग पर रजवाहे के निकट गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस को गांव में ग्रामीणों व पीड़ित परिजनों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने थाना पुलिस की लापरवाही से हत्या होने का आरोप लगाते हुए पुलिस को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
इसके बाद देर रात पीड़ित परिजन ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे और रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। थाना पुलिस द्वारा इस बाबत अफसरों से बात करने का आश्वासन परिजनों को दिया गया। इसके बावजूद देर रात तक ग्रामीण थाने में ही डटे हुए थे। उधर, दलित छात्र रजत की हत्या के बाद दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गांव मांडला पहुंचकर पीड़ित परिजनों से घटना की जानकारी लेते हुए उन्हें हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। वहीं, देर रात छात्र के पिता चंद्रपाल ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है।
72 घंटे में जनपद में दूसरे दलित युवक की हत्या
मुजफ्फरनगर। जिले में पिछले 72 घंटों में दो दलित युवकों की हत्या से पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई है। सोमवार को बीएससी के छात्र रजत की हत्या से पुलिस प्रशासन की सक्रियता पर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्र के पिता चंद्रपाल की तहरीर पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कहा कि हत्याभियुक्तों की तलाश में दबिशें डाली जाएगी। छात्र की हत्या के मामले का शीघ्र खुलासा कर दिया जाएगा।
जनपद में दलित युवाओं की जान जोखिम में है। पहले बुढ़ाना में दलित युवक कपिल जाटव की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। उसे एक युवक नई तहसील के पास से बुलाकर ले गया था, जिसके बाद उसकी लाश कस्बे में ही एक डिग्री कॉलेज के पीछे स्थित खेत में पड़ी मिली थी। लाख प्रयासों के बावजूद अब तक कपिल जाटव के हत्यारों के बारे में कोई सुराग किसी तरह के नहीं मिले हैं। हालांकि पूछताछ में परिजन भी किसी तरह की रंजिश होने से इंकार कर चुके हैं, जिसके चलते अब तक पुलिस केवल अंधेरे में तीर चला रही है।
कपिल जाटव की हत्या का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि सोमवार शाम पुरकाजी के गांव मांडला निवासी दलित युवक रजत की हत्या कर दी गई। उसकी लाश गांव बरला-मांडला के बीच रजबाहे के पास सड़क किनारे पड़ी मिली, जिसके सीने में गोली मारी गई थी। बुढ़ाना की ही भांति यहां भी पुलिस हत्यारों का सुराग तलाश पाने में पूरी तरह से विफल है। रजत के परिजन भी किसी से कोई रंजिश होने से इंकार कर रहे हैं, जिसके चलते फिलहाल पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली हैं।
महज तीन किलोमीटर है बरला से मांडला की दूरी
पुरकाजी। थाना क्षेत्र के गांव मांडला से छपार की दूरी महज तीन किलोमीटर दूर है। इसके चलते मांडला व आसपास क्षेत्र के बच्चे अधिकांशत: छपार क्षेत्र में ही शिक्षा ग्रहण करते हैं। दलित चंद्रपाल उर्फ टीटू का बेटा रजत भी इन्हीं में से एक था। घर से कॉलेज आने-जाने के लिए वह साइकिल का इस्तेमाल करता था, लेकिन सोमवार को वह पैदल ही कॉलेज पहुंचा था। वहां से वह पैदल ही घर लौट रहा था।
मजदूरी कर परिवार को पाल रहा गरीब चंद्रपाल
छपार। मांडला निवासी दलित चंद्रपाल की पारिवारिक स्थिति काफी दयनीय है। चंद्रपाल मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। परिवार चलाने के लिए चंद्रपाल की पत्नी सरिता चिकित्सा विभाग में बतौर आशा कार्यकर्ता काम करती है। रजत से परिवार के लोगों को काफी आस थी। वह बीएससी कर रहा था, जिसे रोजगार मिलने के बाद परिजन परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद लगाए थे, लेकिन सोमवार को उसकी हत्या से परिवार की यह उम्मीद भी खत्म हो गई। उसकी हत्या से परिजनों में कोहराम मचा है।