डीएम डीके सिंह का मोबाइल हैक कर मेरठ के हिंदू संगठन के नेता को धमकी देने के मामले में पुलिस पूरी गहनता से जांच-पड़ताल में जुटी है। मोबाइल हैकिंग में किसी नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस ने गुत्थी को सुलझाने के लिए बंगलूरू के आईटी एक्सपर्ट से सहयोग मांगा है। आईटी के एक्सपर्ट पूरा मामला सामने लाएंगे।
तीन दिन दिन पूर्व डीएम डीके सिंह के मोबाइल नंबर से मेरठ के मवाना के हिंदू संगठन के नेता सौरभ शर्मा को धमकी भरा फोन गया था। जांच-पड़ताल में नंबर डीएम मुजफ्फरनगर का निकला तो सभी सकते में आ गए। जिस दिन फोन हुआ उस दिन जिले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले आए हुए थे। डीएम उन्हीं के साथ कार्यक्रम में व्यस्त थे। इस दौरान डीएम ने किसी को न फोन किया और न ही किसी का नंबर रिसीव कर पाए।
जब मामला डीएम के संज्ञान में आया तो वह भी हैरान रह गए। पुलिस ने जांच की तो सीडीआर में भी डीएम का ही नंबर निकला। समझते देर नहीं लगी कि नंबर हैक किया गया है। डीएम ने इस मामले की जांच के लिए एसएसपी को लिखा। एसएसपी की टीम भी दो दिन में जब कुछ नहीं कर सकी तो बंगलूरू में आईटी एक्सपर्ट से बात की गई।
उन्होंने तमाम जानकारी एकत्र कर ली है। उनका कहना है कि वह जल्द ही हैकर का पता लगा लेंगे। बताया गया है कि इस मामले में एडवांस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ज्यादातर इस तकनीक का इस्तेमाल आतंकी संगठनों द्वारा किया जाता रहा है। डीएम डीके सिंह ने बताया कि मामला गंभीर है, जिस तेजी के साथ जांच चल रही है, इससे जल्द ही रिजल्ट आने की संभावना है।