जानसठ। मुरादनगर में मौलाना नजीर पर हुए हमले के बाद जिले का माहौल गरमा गया। मौलाना के जानसठ पहुंचने से पहले ही हजारों लोग मदरसे में एकत्र हो गए। लोगों ने कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया और हमलावरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों को किसी तरह समझाकर शांत किया।
मुरादनगर में मौलाना नजीर पर हुए हमले की सूचना जिले में पहुंचते ही तनाव फैल गया और पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। देर शाम मौलाना नजीर पहले खतौली पहुंचे। खतौली में लोगों ने उनके सलामती के लिए दुआएं कीं। इसके बाद मौलाना का काफिला जानसठ के लिए बढ़ा।
जानसठ में गंज मोहल्ला स्थित मदरसे में उनके पहुंचने से पहले ही हजारों लोग उनके इंतजार में खड़े हुए थे। मौलाना नजीर के पहुंचते ही लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ते देख जानसठ एसडीएम उमेशचंद्र मिश्रा और एसपी क्राइम राकेश जौली समेत आसपास के थानों का फोर्स मदरसे में पहुंचा और लोगों को किसी तरह समझाया।
भीड़ का कहना था कि मौलाना पर हमला किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना था कि मुरादनगर में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। भीड़ ने नारेबाजी करते हुए पुलिस से भी धक्का-मुक्की की कोशिश की।
बाद में अधिकारियों ने बंद कमरे में मौलाना नजीर से वार्ता की और मामले को शांत कराने में सहयोग करने की अपील की। देर रात तक हजारों लोगों की भीड़ मदरसे में एकत्र थी और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौलाना से अंदर कमरे में वार्ता कर रहे थे। मौलाना की मांग थी कि उनकी तहरीर पर हमले का मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वह तहरीर दें दें उसे मुरादनगर भेज दिया जाएगा।