बाईपास पर दो दिन पूर्व चेन्नई के नवदंपति पर जानलेवा हमले का रहस्य गहराता जा रहा है। लूट के अलावा पुलिस मामले में कई बिंदुओं पर जांच-पड़ताल में जुटी है। लूट की कोशिश का मामला पुलिस के गले भी नहीं उतर रहा।
पुलिस अब इनका बैकग्राउंड खंगाल रही है। चंडीगढ़ तक साथ रहे 15 दोस्तों और कुछ रिश्तेदारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही हैं। पुलिस ने दंपति के कई दोस्तों के नंबरों की सीडीआर निकलवाई है। मेरठ के आनंद हॉस्पिटल में भर्ती घायल की हालत में सुधार है। पुलिस ने थोड़ी देर के लिए उससे भी पूछताछ की है।
तमिलनाडु के चेन्नई की रामपुरम कॉलोनी निवासी आदित्य शनिवार शाम अपनी पत्नी विजय लक्ष्मी के साथ हरिद्वार से बुलेट मोटरसाइकिल से दिल्ली लौट रहा था। नई मंडी कोतवाली के बाईपास पर बागोवाली चौकी से चंद कदमों की दूरी पर बाइक सवार बदमाशों ने दंपति पर फायरिंग कर दी। गोली आदित्य की गर्दन में लगने से वह मौके पर गिर गया।
बाइक गिरने से पत्नी विजय लक्ष्मी भी घायल हो गई थी। वारदात के बाद बाइक सवार दोनों बदमाश मौके से फरार हो गए थे। दूसरी बाइक पर आगे चल रहे साथी श्याम तेजा ने लोगों की सहायता से दोनों को भोपा रोड स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। शुरुआत में वारदात के पीछे लूटपाट का प्रयास माना जा रहा था, लेकिन तफ्तीश में इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है।
बदमाशों ने गोली मारने के बाद दंपति के किसी सामान को नहीं लूटा। यही बात पुलिस को खटक रही है। आखिर बदमाशों ने आदित्य पर गोली क्यों चलाई। उनका मकसद क्या था। चेन्नई के इस दंपति को यहां कोई जानता तक नहीं। ऐसे में बदमाश उसकी जान क्यों लेना चाहते थे। ऐसे तमाम सवाल हैं, जिनका जवाब तलाशने में पुलिस जुटी है। मौका-ए-वारदात पर पहुंची पुलिस को विजय लक्ष्मी ने बताया था कि बाइक पर आए बदमाशों ने उन्हें रुकने का इशारा किया था।
आदित्य के बाइक नहीं रोकने पर उन्होंने गोली चला दी, जो आदित्य की गर्दन में लगी। दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई खास सुराग हाथ नहीं लग पाया है। एक पखवाड़े से 15 साथियों के साथ दिल्ली, लेह-लद्दाख, चंडीगढ़ आदि जगहों पर घूमने के बाद दंपति शुक्रवार को साथियों से अलग होकर हरिद्वार पहुंचे थे। मेरठ के आनंद हॉस्पिटल में भर्ती घायल की हालत में कुछ सुधार हुआ है।
पुलिस टीम ने डॉक्टर की परमीशन लेकर कुछ देर के लिए आदित्य से पूछताछ की। आदित्य ने बदमाशों के बारे में कोई जानकारी होने से इंकार किया है। पुलिस ने उनके 15 साथियों के बारे में जानकारी जुटाई। उनके मोबाइल नंबर भी लिए गए हैं। दोस्तों के नंबरों की भी सीडीआर चेक की जा रही है। पुलिस ने हरिद्वार निवासी रिश्तेदारों के बारे में भी पूछताछ की है। पुलिस के अनुसार दंपति की करीब एक माह पूर्व अरेंज मैरिज हुई थी। इन सब बिंदुओं पर पुलिस की जांच चल रही है।
नगदी और जेवरात को छुआ तक नहीं
मुजफ्फरनगर। चेन्नई के नवदंपति पर हमले के मामले में सबसे अहम बात यह है कि आदित्य और विजय लक्ष्मी के पास जेवरात, कीमती मोबाइल और नगदी थी। गोली मारने के बाद बदमाशों ने उनके सामान को छुआ तक नहीं। आदित्य की गर्दन में गोली लगने के बाद बदमाश फरार हो गए। पुलिस इसी बिंदु की वजह से घटना को लूट के प्रयास से खारिज कर रही है।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हमलावर
मुजफ्फरनगर। दोनों बदमाशों की सीसीटीवी फुटेज मिल गई है, लेकिन दो दिन बाद भी पुलिस उनकी पहचान नहीं कर पाई है। पुलिस जिले के कुछ बदमाशों की खोजबीन में जुटी है, लेकिन फिलहाल केस का सिरा पुलिस के हाथ नहीं लग रहा। एक टीम ने हाईवे के दर्जनों ढाबों पर जाकर सफेद कलर की बाइक की पहचान करने का प्रयास किया है। किसी भी ढाबे वाले और दुकानदार ने सफेद बाइक देखे जाने से इंकार किया है। हालांकि दंपति का कहना है कि बाइक सवार काफी दूर से उनका पीछा कर रहे थे।
होटल खंगालने जा सकती है पुलिस
मुजफ्फरनगर। एक पखवाड़े से दिल्ली से लेकर लद्दाख और चंडीगढ़ के अलावा जहां-जहां भी दंपति दोस्तों के साथ घूमने के लिए गए, वहां पुलिस तफ्तीश के लिए जाने की तैयारी कर रही है। दो दिन की जांच में पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। दोस्तों के साथ जिन होटलों या लॉज में दंपति रहे, वहां यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कहीं उनका कोई झगड़ा तो नहीं हुआ था।