पात्रों को नहीं मिल पाया राशन
मीरापुर। खाद्य एवं रसद आयुक्त के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक जानसठ ने फर्जी राशन कार्डों पर सस्ते गल्ले का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध विस्तृत जांच पड़ताल के बाद एफआईआर दर्ज कराई है।
तहसील जानसठ के पूर्ति निरीक्षक वेद प्रकाश ने बताया कि जांच में पाया गया कि कुछ राशन डीलरों ने बायोमेट्रिक तकनीक का दुरुपयोग कर वितरण प्रणाली में गड़बड़ी की। आरोपियों ने आधार कार्ड के समय वास्तविक लाभार्थी के डाटाबेस में हेराफेरी कर उसकी आधार संख्या को एडिट कर उसके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की आधार कार्ड संख्या को फीड कर राशन आहरित कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने पुन: डाटाबेस को अपडेट कर दिया जाता था। आरोपियों की इस हेराफेरी से वास्तविक लाभार्थियों को आवश्यक खाद्य वस्तुएं प्राप्त होने के अधिकार से वंचित कर दिया जाता था। इस तरह 339 राशन कार्डों पर आधार आथेंटिकेशन सुविधा का दुरुपयोग कर राशन आहरित किया गया है, जिसमें राशन डीलरों की भी भूमिका संदिग्ध है। पूर्ति निरीक्षक वेद प्रकाश अग्रवाल ने एक आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।