खतौली। प्रापर्टी डीलर विनोद के मर्डर मिस्ट्री में पुलिस उलझी हुई है। एसएसपी के आदेश पर खतौली सीओ के बाद हत्याकांड की विवेचना को फुगाना सीओ को सौंप दी गई थी। हत्याकांड को 70 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं सकी।
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव संधावली निवासी 45 वर्षीय दलित विनोद पुत्र आशाराम प्रापर्टी डीलर का काम करता था। परिजनों के मुताबिक पिछले एक दिसंबर को खतौली के रहने वाले उसके पार्टनरों ने फोन करके विनोद को बुलाया था। वह घर से स्कूटी पर खतौली के लिए निकला। बुआडा रोड पर दिनदहाड़े विनोद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने हत्याकांड में तीन पार्टनर मोहल्ला देवीदास निवासी अधिवक्ता सुनील, मोहल्ला ढ़ाकन चौक निवासी बैंक मैनेजर सोमेंद्र व इस्लामाबाद भूड़ निवासी फिरोज के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस हत्याकांड की विवेचना सीओ खतौली कर रहे थे। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर नामजद हत्यारोपियों को बचाने का आरोप लगाया था। इसलिए एसएसपी ने हत्याकांड की विवेचना फुगाना सीओ को स्थानांतरित कर दी थी।
सीओ फुगाना हत्याकांड की विवेचना कर रहे हैं। वे भी अभी तक खुलासा नहीं कर सके हैं और हत्याकांड खुलासा करने में उलझे हुए हैं। हत्याकांड को 70 दिन का समय बीत चुका है। पुलिस को आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजने के 90 दिन में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करनी पड़ती है। कोई एक भी आरोपी की गिरफ्तारी न होने से विवेचना करने में अभी और समय लग सकता है। उधर, सीओ फुगाना कालूराम ने बताया कि मृतक विनोद के परिजनों की ओर से नामजद कराए गए आरोपियों की संलिप्त की जांच पड़ताल की जा रही है। निष्पक्ष जांच पड़ताल कर सही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।