देवबंद (सहारनपुर)। जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद कश्मीरी छात्र लगातार एटीएस की रडार पर हैं। जैश के एक कमांडर के साथ देवबंद में पार्टी में कौन कौन शामिल रहे, इसकी जांच कर रही एटीएस ने मंगलवार को मदरसे में पढ़ने वाले दो कश्मीरी छात्रों को पूछताछ के लिए पकड़ा था। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। मंगलवार को ही एटीएस के एक अधिकारी ने दारुल उलूम पहुंचकर नायब मोहतमिम से भी मुलाकात की। जिनके बीच काफी देर तक वार्ता हुई।
गत 21 फरवरी को देवबंद से पकड़े गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शाहनवाज तेली और आकिब मलिक को एटीएस ने भले ही 10 दिन की रिमांड पूरी होने पर वापस जेल भेज दिया हो। लेकिन इनसे पूछताछ के आधार पर एटीएस लगातार मामले में जांच कर रही है। बीते दिनों खुलासा हुआ था कि देवबंद में दोनों आतंकियों के पास जैश के एरिया कमांडर ने पार्टी की थी। जिसमें अन्य लोग शामिल हुए थे। एटीएस तभी से यह पता लगाने में जुटी हुई है कि आखिर पार्टी में कौन कौन लोग शामिल हुए थे। इसके बाद से ही कश्मीरी छात्र एटीएस की रडार पर हैं। इसी मामले में मंगलवार को एटीएस की टीम ने एक मदरसे में कक्षा पंजुम (पांचवीं कक्षा) में पढ़ने वाले दो कश्मीरी छात्रों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद देर शाम दोनों छात्रों को छोड़ दिया गया। उधर, मंगलवार को ही देर शाम एटीएस के एक अधिकारी दारुल उलूम भी पहुंचे थे। संस्था के मेहमानखाने में अधिकारी ने नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी से काफी देर तक वार्ता की। हालांकि उनके बीच क्या बातचीत हुई इसकी जानकारी नहीं हो पाई।
डर के कारण एक छात्र चला गया था कश्मीर, बाद में लौटा
देवबंद। एटीएस ने जिन छात्रों से पूछताछ की उनमें से एक छात्र डर की वजह से अपने घर कश्मीर चला गया था। सूत्र बताते हैं कि उक्त कश्मीरी छात्र बेहद डरा हुआ था। जिस वजह से वह कुछ दिन पूर्व घर चला गया था। जब उसने परिजनों को इस बाबत जानकारी दी तो उन्होंने उसे यह कहकर उसे वापस भेज दिया कि जब उसने कुछ गलत किया ही नहीं है तो फिर डर किस बात का है।
देवबंद से घरों को लौट रहे कश्मीरी छात्र
देवबंद। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के पकड़े जाने के बाद एटीएस द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के डर से नगर में पिछले काफी दिनों से रह रहे कश्मीर के निवासी वापस घरों को जा रहे हैं। इनमें कुछ छात्र भी शामिल हैं। जो अलग अलग मदरसों में शिक्षा हासिल कर रहे थे।