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वकील के चेंबर में युवक ने खुद गला रेता, हालत गंभीर

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वकील के चैंबर में युवक ने खुद गला रेता, हालत गंभीर
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। तहसील में वकील के चैंबर में युवक ने आत्महत्या करने के इरादे से कांच के टुकड़े से खुद अपना गला रेत लिया। लहूलुहान युवक की हालत देखकर वकीलों में अफरातफरी मच गई। अधिवक्ताओं ने पुलिस पर देरी से पहुंचने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर हंगामा खड़ा कर दिया। इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज ने बमुश्किल वकीलों को समझा बुझाकर शांत किया और घायल को अस्पताल में पहुंचाया। चिकित्सकों ने युवक को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। युवक तहसील में मालन का काम करने वाली महिला का पति है, जो कि नशे का भी आदी है।
गांव शेखपुरा के मोहल्ला आर्यपुरी निवासी सुरेश प्रजापति (42) पुत्र ब्रह्म सिंह की पत्नी सुदेश तहसील में अस्थायी रूप से मालन का काम करती है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बृहस्पतिवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे सुरेश तहसील में अपनी पत्नी सुदेश से मिलने पहुंचा। सुरेश ने अपनी पत्नी से पैसे मांगे। पत्नी ने पैसे देने से इंकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों मेें कहासुनी हो गई। उस वक्त सुरेश शराब के नशे में था। पत्नी द्वारा पैसे न देने से क्षुब्ध सुरेश तहसील में वकील विजेंद्र कुमार के चेंबर पर पहुंचा। सुरेश ने वकील के चेंबर की खिड़की में हाथ मारकर शीशा तोड़ दिया। इसके बाद सुरेश ने कांच के धारदार टुकड़े से आत्महत्या करने को अपना खुद गला रेत लिया। गला रेतने पर सुरेश लहूलुहान होकर चेंबर के गेट के पास गिर पड़ा। सुरेश की हालत को देखकर वकीलों में अफरातफरी मच गई। मालन के पति द्वारा आत्महत्या की कोशिश करने की खबर से तहसीलकर्मियों में हड़कंप मच गया। वकीलों ने इसकी सूचना पुलिस को 108 नंबर पर दी। लखनऊ से इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज के मोबाइल फोन पर कॉल आई। घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत इंस्पेक्टर पुलिस बल को लेकर तहसील में पहुंचे। तहसील में पुलिस के पहुंचने पर वकीलों ने हंगामा कर दिया। वकीलों का आरोप था कि सूचना देने पर भी पुलिस आधा घंटे विलंब से पहुंची। वकीलों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। इंस्पेक्टर ने वकीलों को बमुश्किल समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद पुलिस ने लहूलुहान सुरेश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां पर प्राथमिक उपचार कर चिकित्सकों ने गंभीर हालत में जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। सूचना मिलने पर सीओ डा. राजीव कुमार सिंह तहसील में पहुंचे। सीओ ने वकील से घटना के बारे में जानकारी ली। जिला अस्पताल में सुरेश की हालत नाजुक बताई गई है।
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सुरेश के हाथ से कैंची और ब्लेड भी छीना
तहसील में फोटो स्टेट की दुकान से आत्महत्या करने को कैंची उठा ली थी। दुकानदार व वहां मौजूद लोगों ने सुरेश के हाथ से कैंची छीन ली थी। इसके बाद सुरेश पर दूसरी फोटो स्टेट की दुकान से ब्लेड उठा लिया। वहां पर भी लोगों ने उसके हाथ से ब्लेड छीन लिया था। इसके बाद वह वकील के चेंबर पर पहुंचा।
खुदकुशी का पहले भी किया प्रयास
पुलिस के मुताबिक सुरेश नशे आदी है। उसने पूर्व में खुदकुशी करने के लिए अपने ऊपर केरोसिन छिड़कर कर आग लगा ली थी, तब भी उसका पारिवारिक झगड़ा ही हुआ था।
वकीलों के पीछे दौड़ा सुरेश
तहसील में सुदेश को वकीलों ने गला रेतने से रोकने का प्रयास भी किया। वकीलों ने कांच का टुकड़ा छीनने की कोशिश की तो वह उनके पीछे दौड़ा। सुदेश के रूप को देखकर वकील भी घबरा गए थे। वकीलों के काफी रोकने पर भी सुरेश ने अपना गला रेत लिया।
मरने दो, मुझे आज मरना है
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक सुरेश का उपचार करने लगे तो सुरेश जोरजोर से चिल्लाने लगा। बेड पर पड़ा सुरेश कहता रहा कि मुझे मरने दो, आज मुझे मरना है। अस्पताल के कर्मियों ने सुरेश के दोनों हाथ व पैर पकड़े, तब कहीं जाकर बमुश्किल चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया।
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हमारा चाचा मानसिक रोगी हो गया
सीओ डा. राजीव कुमार सिंह व इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज अस्पताल में सुरेश का हालचाल जानने पहुंचे। वहां पर पहुंचे सुरेश के भतीजे अरुण ने सीओ को बताया कि साहब उसका चाचा मानसिक रोगी हो हो चुका है। उससे परिवार के सभी लोग परेशान हैं। शराब पीकर आए दिन हंगामा करता है।
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