नूनाखेड़ा में गोवंशों को किया घेर में बंद
तितावी। थाना क्षेत्र के गांव नंगला नूनाखेड़ा में आवारा गोवंश से परेशान ग्रामीणों ने उन्हें एक किसान के खाली पड़े घेर में बंद कर दिया। बंद किए गोवंश के पानी और चारे की व्यवस्था भी ग्रामीण कर रहे हैं।
नूनाखेड़ा के ग्रामीणों के मुताबिक गांव में बड़ी संख्या में आवारा गोवंश घूम रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना आवारा गोवंश खेतों में घुसकर खड़ी फसलों का नुकसान कर रहे हैं। इनसे परेशान किसान रात दिन खेतों की रखवाली करने के लिए मजबूर हैं। इसके बावजूद फसल बचाव के लिए खेतों की तारबंदी भी गोवंश के आगे नाकाम हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि राज्य सरकार गोवंश को बचाने की बात करती है, लेकिन न तो चारागाह भूमि है और ना ही उनके आहार-विहार की कोई और ठोस व्यवस्था। इससे परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को गांव के आवारा गोवंश को इकट्ठा कर उन्हें एक किसान के घेर में बंद कर दिया। वहीं, उनके लिए चारे की व्यवस्था आदि की जा रही है।
आशा कार्यकर्ता से सरेराह मारपीट
छपार। थाना क्षेत्र के गांव बसेड़ा निवासी महिला ने तहरीर देकर बताया कि वह आशा के पद पर कार्यरत है और पति के साथ शहर में किराए के मकान में रहती है। आरोप है कि 12 दिसंबर को वह मार्केट जा रही थी। आरोप है कि वहां उसके देवर ने सरेराह उसके साथ गालीगलौज की। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट करते हुए गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया। शोर मचाने पर आरोपी फरार हो गया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।