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झोलाछाप डॉक्टरों पर छापेमारी से हड़कंप

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कागजात नहीं दिखाने पर दो क्लीनिक सील
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भोपा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव जौली में छापेमारी कर झोलाछाप डॉक्टरों के दो क्लीनिक सील कर दिए। शाम एक डॉक्टर द्वारा विभाग द्वारा लगाई गई सील तोड़कर फिर से क्लीनिक शुरू करने पर उसके खिलाफ थाने में तहरीर दे दी गई है।
मोरना स्थित प्राथमिक चिकित्सा केंद्र प्रभारी डॉ अर्जुन कुमार सिंह ने शिकायत के आधार पर गांव जौली में आकस्मिक छापामारी करते हुए झोलाछाप चिकित्सकों के कागजात चेक किए। डॉ अर्जुन सिंह ने बताया कि जौली गांव में कई झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा अवैध रूप से क्लीनिक चलाए जाने की शिकायत मिली थी, जिस पर छापेमारी करते हुए डॉक्टरों से उनके कागजात तलब किए गए। इस दौरान दो डॉक्टरों पवन व राशिद द्वारा आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए गए। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा डॉ पवन व राशिद के क्लीनिक को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया और कई चिकित्सक क्लीनिक बंद कर रफूचक्कर हो गए। उधर, टीम के छापेमारी कर लौटने के बाद डॉक्टर पवन द्वारा अवैध तरीके से क्लीनिक पर लगाई गई सील तोड़कर फिर से क्लीनिक का संचालन शुरू कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी मिली तो आरोपी डॉक्टर पवन के खिलाफ थाने में तहरीर दे दी गई है। डॉ अर्जुन सिंह ने बताया कि आरोपी डॉ पवन द्वारा विभाग द्वारा लगाई गई सील तोड़कर फिर से क्लीनिक शुरू कर दिया गया, जिसके चलते उसके खिलाफ थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कर कानूूनी कार्रवाई के लिए कहा गया है।
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दुधमुंही बच्ची पिता से लेकर मां को सौंपी
भोपा। शहर के मोहल्ला रामपुरी निवासी सरिता ने तहरीर देकर बताया कि उसकी शादी करीब दो साल पूर्व गांव बरूकी निवासी युवक से हुई थी। आरोप है कि अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष द्वारा उसका उत्पीड़न किया जाता था। एक बार उसे घर से भी निकाल दिया गया था। हालांकि कुछ समय बाद ससुराल पक्ष गलती मानकर उसे फिर से लिवा लाए थे। महिला का कहना है कि ससुराल पक्ष ने आठ माह की बच्ची को छीनकर उसे फिर से घर से निकाल दिया। पीड़िता ने ससुराल पक्ष से बच्ची को दिलाए जाने की गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने शनिवार को महिला की ससुराल में दबिश देकर ससुराल पक्ष से उसकी बच्ची को लेकर मां की सुपुर्दगी में दे दिया।
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