करीब छह माह से लगातार दे रहा था धमकियां
मुजफ्फरनगर। सरवट गांव के मोहल्ला हाजीपुरा निवासी अनीस के परिवार में पत्नी व दो बेटे रईस और जीशान हैं। नगमा उसकी इकलौती बेटी थी, जिसकी शादी करीब आठ माह पूर्व पूरे परिवार ने धूमधाम से शाहपुर के गांव आदमपुर निवासी कासिफ से की थी। हालांकि यह नहीं पता था कि इस शादी के महज आठ माह के भीतर एक शोहदे की करतूत से दोनों परिवारों की खुशियां छिन जाएंगी। नगमा के पिता अनीस के शब्दों में, शादी होने के करीब दो माह बाद जब बेटी ससुराल से मायके रहने आई, तभी से आरोपी शाहवेज ने उसका पीछा शुरू कर दिया था। इसके कुछ समय बाद आरोपी ने किसी तरह नगमा के साथ ही उसके ससुराल वालों के भी नंबर कहीं से हासिल कर लिए और फिर नगमा पर शौहर को तलाक देकर खुद से शादी करने का दबाव बनाने लगा। नवविवाहिता के इंकार करने पर युवक ने उसके पति व ससुर तक को फोन कर नगमा को तलाक देने अन्यथा अंजाम भुगतने की धमकियां देनी शुरू कर दीं, जिससे वह तनाव में रहने लगी। पीड़ित अनीस ने बताया कि बेटी द्वारा इस संबंध में बताने पर चार दिन पूर्व वह मोहल्ले के मौअज्जिज लोगों को साथ लेकर आरोपी के घर गया और उसके परिजनों से शिकायत की, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने या करने से इंकार कर दिया। बृहस्पतिवार को नगमा मायके आई तो आरोपी ने फिर से उसे फोन करने के साथ ही उसका पीछा कर दुर्व्यवहार किया। यही कारण रहा कि शनिवार सुबह उसने परिजनों को पूरे मामले की जानकारी देने के बाद खुद को कमरे में बंद कर फांसी लगा ली। नवविवाहिता की फांसी लगाने की बात सुनकर आरोपी घर से फरार हो गया, जिसके भाई व पिता को हिरासत में लिया गया है।
खुद की चुनरी से फंदा बनाकर दी जान
मुजफ्फरनगर। शनिवार सुबह नगमा ने मायके में नीले रंग का कढ़ाईदार सूट पहना था। करीब 8.30 बजे उसने पूरे परिवार के साथ एक साथ बैठकर नाश्ता किया और उन्हें शाहवेज की करतूत बताकर रोने लगी। परिजनों ने नगमा को किसी तरह दिलासा देते हुए ऊपर के कमरे में आराम करने के लिए भेज दिया, जहां उसने सूट की नीले रंग की चुनरी से ही पंखे पर फांसी का फंदा बनाया और कमरे में पड़े डबल बेड पर चढ़कर फांसी पर झूल गई। करीब डेढ़ घंटे बाद परिजन उसे उठाने पहुंचे तो आवाज लगाने व दरवाजा थपथपाने के बावजूद नहीं खुला तो आशंकित परिजनों ने खिड़की का कांच तोड़ डाला। इसके बाद अंदर का नजारा देख परिजनों के होश उड़ गए, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।