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सोस फैक्ट्री से नमूना लेकर टीम ने सील लगाई

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जानसठ में सॉस फैक्ट्री पर सील लगाई
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जानसठ। राजस्व टीम द्वारा एक फैक्ट्री पर बैंक के बकाए 18 लाख रुपए वसूलने गई टीम को वहां सॉस फैक्ट्री चलती मिली। नायब तहसीलदार ने खाद्य विभाग के अधिकारी को बुलाकर सॉस के नमूने भरवाकर फैक्ट्री पर सील लगवा दी।
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मंगलवार को नायब तहसीलदार इंद्रदेव शर्मा द्वारा राजस्व टीम के साथ गांव बसायच रोड पर स्थित एक आयुर्वेदिक फार्मेसी फैक्ट्री के मालिक अमित पुत्र सतपाल निवासी गांव बसायच द्वारा खतौली कोआपरेटिव बैंक से 11 लाख रुपये ऋण लिए थे, जो बढ़कर 18 लाख रुपये हो गए। बैंक ने आरसी काटकर तहसील में भेज दी। राजस्व टीम 18 लाख रुपये वसूलने पहुंची, तो वहां पर अमित द्वारा फैक्ट्री बंद कर उसकी जगह सॉस बनाने की फैक्ट्री अपनी पत्नी के नाम रजिस्ट्रेशन करवाकर शुरू कर दी। राजस्व टीम ने पैसे वसूलने के लिए मौके पर जाकर देखा तो वहां सॉस बनाने की फैक्ट्री चालू मिली। नायब तहसीलदार द्वारा उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराकर पुलिस व फूड इंस्पेक्टर को मौके पर बुलवा लिया गया। फैक्ट्री में मौजूद जानसठ कस्बा निवासी रामपाल आचार्य से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने डेढ़ वर्ष पूर्व अमित से यह फैक्ट्री खरीद ली थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. विकास कुमार ने मौके पर आकर मौजूद सॉस व अन्य चीजों के सैंपल भर कर जांच को भेजे तथा फैक्ट्री पर सील लगा दी। नायब तहसीलदार इंद्रदेव शर्मा ने बताया कि अमित द्वारा 11 लाख रुपये ऋण लिया गया था। उसने अपने नाम से फैक्ट्री बंद कर अपनी पत्नी के नाम पर लाइसेंस लेकर सॉस बनाने की फैक्ट्री चला रहा था। वह बैंक का पैसा देने के लिए तैयार नहीं था, जिसके चलते बैंक ने उसकी आरसी काटकर तहसील को भेजी थी। राजस्व टीम में प्रदीप गुप्ता, सेंसर पाल, रविंद्र, रामकेश गुर्जर, अतुल शर्मा, हसन इनाम आदि पुलिस फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहे।
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