दलित हिंसा : पुलिस के हत्थे चढ़ा सरगना
मुजफ्फरनगर। दो अप्रैल को शहर में दलित आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में नई मंडी कोतवाली के बाहर मुकदमाती वाहनों के साथ ही पीएनबी की कैश वैनों को आग के हवाले करने वाले मुख्य आरोपी विपुल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में दलित संगठनों ने दो अप्रैल को भारत बंद का आयोजन किया था। भारत बंद के दौरान शहर में कई जगह दलितों का बाजार बंद कराने को लेकर व्यापारी संगठनों के साथ टकराव हुआ था। इसी दौरान तीन आंदोलनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद उग्र कार्यकर्ताओं ने दोपहर के समय नई मंडी कोतवाली पर हमला कर दिया था। इस दौरान जमकर पथराव-फायरिंग के साथ ही थाना परिसर में खड़े मुकदमाती वाहनों के साथ ही पास में स्थित पीएनबी के अफसरों के निजी वाहन व कैश वैनों को फूंक डाला था। भारी अराजकता के बीच एक दलित युवक की फायरिंग में मौत भी हो गई थी। बवाल की वीडियो क्लिप के आधार पर चार युवकों को चिह्नित किया गया था, जो आगे बढ़कर थाने के बाहर खड़े वाहनों को आग के हवाले करते नजर आ रहे थे। नई मंडी इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा ने बताया कि इनमें से एक युवक की पहचान अलमासपुर निवासी विपुल उर्फ चुन्नू पुत्र पद्म सिंह के रूप में हुई थी। आखिरकार सोमवार देर रात पुलिस ने आरोपी को अलमासपुर से पकड़ लिया, जिसे मंगलवार को जेल भेज दिया गया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी विपुल की गिरफ्तारी के बाद वीडियो क्लिप में कैद हुए उसके अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है।
थाने के बवाल में अब तक 50 चिह्नित, 41 गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर। दो अप्रैल को नई मंडी थाने में हुए बवाल के दौरान पुलिस ने कई लोगों को नामजद करते हुए सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इनमें से पुलिस नामजद किए गए आरोपियों को तो गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य लोगों की वीडियो क्लिप के आधार पर पहचान की जा रही है। पुलिस के अनुसार अब तक वीडियो क्लिप के आधार पर बवाल के 50 आरोपियों को चिह्नित किया जा चुका है, जिनमें से 41 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।