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जहरखुरानी गिरोह ने बनाया युवक को शिकार

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नशीला पदार्थ खिलाकर बस स्टैंड पर फेंका
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मुजफ्फरनगर। जहरखुरानी गिरोह ने एक बार फिर एक युवक को शिकार बनाते हुए धोखे से नशीला पदार्थ खिलाकर लूटपाट के बाद उसे सहारनपुर बस स्टैंड पर फेंक दिया। बेहोश की हालत में युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सहारनपुर बस स्टैंड पर रविवार देर रात एक युवक बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। राहगीरों की सूचना पर पहुंची डायल-100 ने युवक की पहचान कराने का प्रयास किया तो उसकी शिनाख्त मीरापुर के गांव चुड़ियाला निवासी धर्मेंद्र (40) पुत्र सुखबीर के रूप में हुई। पुलिस ने युवक के परिजनों को घटना से अवगत कराते हुए उसे स्वामी कल्याणदेव जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत गंभीर बताई गई। आशंका जताई जा रही है कि युवक जहरखुरानी गिरोह का शिकार हुआ है। जिसे धोखे से नशीला पदार्थ खिलाकर लूटपाट करने के बाद बस स्टैंड पर फेंक दिया। फिलहाल परिजनों द्वारा घटना की तहरीर नहीं दी गई है। एसआई तारिक वसीम ने बताया कि मामला जहरखुरानी गिरोह से संबंधित है। गिरोह के सदस्यों की धरपकड़ के लिए कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
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युवक की हो चुकी है हत्या
जहरखुरानी गिरोह के सदस्य इससे पहले भी शहर क्षेत्र में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। करीब एक माह पूर्व ही जहरखुरानी गिरोह के सदस्यों ने मोहल्ला रामपुरी के युवक की नशीला पदार्थ देकर हत्या करने के बाद शव को सुजड़ चुंगी के पास नाले में फेंक दिया था। हत्या करने के बाद आरोपी युवक की ई रिकशा, मोबाइल और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। अगले दिन युवक की लाश मिलने के बाद घटना का खुलासा हुआ। पुलिस अभी तक वारदात का खुलासा तक नहीं कर सकी है।
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लालच में गंवा देते हैं सब कुछ
जहरखुरानी गिरोह के सदस्य आधी रात के समय वारदात को अंजाम देने के लिए निकलते हैं। अधिकांश ई रिकशा चालकों को शिकार बनाते हैं। वारदात को अंजाम देने के लिए दो या तीन की संख्या में गिरोह के सदस्य किसी बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन के बाहर से ई रिकशा में शहर के बाहरी क्षेत्र के लिए सवार होते हैं। रास्ते में चलते हुए वे ई रिकशा चालक को कहीं भी चाय पीने के लिए रोकते हैं। और नशीला पदार्थ चाय या बिस्कुट में डालकर उसे खिला देते हैं। उधर, जहरखुरानी गिरोह के सदस्यों द्वारा की जाने वाली अधिकांश वारदात पुलिस दर्ज नहीं करती।
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