सिकंदरपुर के छेड़छाड़ प्रकरण में दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज
भोपा। गांव सिकंदरपुर के छेड़छाड़ व घर पर हमले के मामले में दोनों पक्षों की तरफ से दी गई तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पीड़ित पक्ष द्वारा जहां ग्राम प्रधान व उसके परिजनों पर छेड़छाड़ व हमले का आरोप लगाया गया है, वहीं प्रधान पक्ष की तरफ से भी हमले का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर में ग्राम प्रधान नेमपाल पक्ष पर युवती से छेड़छाड़ व शिकायत करने पर घर में घुसकर उसके परिजनों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई थी। मामले में शुक्रवार देर रात ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर ग्राम प्रधान व उसके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज न होने पर पीड़ित परिजनों द्वारा आत्मदाह किए जाने की चेतावनी दी गई थी। मामला बढ़ता देख पुलिस ने रात में ही युवती पक्ष के गोलू की तहरीर पर ग्राम प्रधान नेमपाल के साथ ही रोहित, बबलू, शोकेंद्र व हेमसिंह को नामजद करते हुए 15-20 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। उधर, मामले में ग्राम प्रधान पक्ष की तरफ से राजीव ने गोलू व महावीर पर घर में घुसकर ग्राम प्रधान नेमपाल से मारपीट करने व धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पानी में डूबने से हुई थी फाइनेंसर की मौत
भोपा। थाना क्षेत्र के गांव तिस्सा निवासी विकास पुत्र कालू की मौत पानी में डूबने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस हत्या के साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि गांव तिस्सा निवासी फाइनेंसर विकास बृहस्पतिवार शाम लापता हो गया था, जिसका शव शुक्रवार सुबह जौली-बेहड़ा मार्ग पर पानी से भरे ईख के खेत से मिला था। विकास के पिता कालूराम ने गांव के ही कलीराम व उसके बेटे अरुण पर अपहरण कर हत्या करने के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर बीपी सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विकास की मौत पानी में डूबने से होने की पुष्टि हुई है। इसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है कि उसकी हत्या कर लाश फेंकी गई या फिर शराब के अधिक नशे में होने के चलते विकास पानी में गिरकर डूब गया।