शाहपुर। आदमपुर और पलड़ी गांव में करीब ढाई किमी का फासला है। अदीबा के ताऊ और दादा पलड़ी में रहते हैं। परिवार की सहमति से उसे भी ताऊ के परिवार में ही छोड़ा गया था लेकिन रविवार को आरोपी आमिर बहाने से उसे ले आया और हत्या कर दी। परिवार के बार-बार समझाने पर भी मृतका ने मोबाइल पर प्रेमी से बात करना नहीं छोड़ा।
क्षेत्र के गांव आदमपुर निवासी शकील के घर में पत्नी नसीमा के अलावा नौ बच्चे हैं। सबसे बड़ा आमिर है। शकील और उसकी पत्नी बीमार रहते हैं, इसलिए परिवार का पालन पोषण करने का जिम्मा आमिर पर आ गया। वह दूर शहर में रहकर कपड़ों की फेरी करता था। उसे पता था कि उसकी बहन किसी युवक से प्रेम-प्रसंग में बात करती है। उसने व उसके परिजनों ने उसे समझाया लेकिन वह नहीं मानी। पलड़ी भेजने के बाद भी अदीबा की हरकतें कम नहीं हुईं। परिजनों ने इस संबंध में उसके माता पिता व भाई से शिकायत की। आमिर ईद उल अजहा पर घर आया था। इसके बाद वह रविवार सुबह वह पलड़ी पहुंचा। इसके बाद वह बहन को आदमपुर ले आया। उसे समझाया लेकिन भाई की बात न मानने पर उसकी हत्या कर दी गई।
बेटी की चीख सुनकर डर गई मां
घटना के समय घर पर युवती, उसका भाई, मां व दो छोटे बहन-भाई उमरा व सुएब थे। अन्य बच्चे मोहल्ले में खेल रहे थे। शकील पशुओं के लिए चारा लेने गया था। अचानक बेटी की आवाज सुनकर मां मौके पर पहुंची तो बहता खून देखकर वह डर गई। उसने शोर मचा दिया। इसके बाद आरोपी आमिर भाग गया। आसपास के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।
वर्जन-
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि पुलिस की दो टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई है। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।