मुजफ्फरनगर। ज्वालागढ़ में मारे गए सोनू कश्यप की बहन आरती के अपहरण का शोर मच गया। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के आवास से मां ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। जांच की तो जानकारी मिली कि युवती मेरठ के धरने-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गई है।
उधर, सहारनपुर से मेरठ जा रहे कश्यप एकता क्रांति मिशन के कार्यकर्ताओं ने जानसठ बाईपास के निकट जाम लगा दिया। इस मामले में पुलिस ने सहारनपुर निवासी कश्यप एकता क्रांति मिशन के प्रदेश उपाध्यक्ष अनुज कश्यप और अजेय का शांतिभंग में चलान कर दिया है।
किला मोहल्ला निवासी कांति देवी ने कौशल विकास राज्यमंत्री के गांधीनगर स्थित आवास पर पहुंचकर तहरीर भी दी। उन्होंने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम प्रार्थना पत्र सौंपा। हालांकि, पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि आरती अपने रिश्तेदारों के साथ मेरठ में हो रहे धरने-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गई थीं।
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि आरती ने स्वयं एक वीडियो जारी कर अपहरण की बात को खारिज किया है। दूसरी ओर, सहारनपुर से मेरठ जा रहे कश्यप एकता क्रांति मिशन के पदाधिकारियों को पुलिस ने जानसठ बाईपास के निकट रोक लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज कार्यकर्ताओं ने सर्विस रोड पर धरना देकर जाम लगा दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कार्यकर्ताओं को समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस जाम खुलवाने में सफल रही और कार्यकर्ताओं को वापस भेज दिया गया। इस दौरान संजीव कश्यप, सेठू कश्यप, सतेंद्र सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, सोनू कश्यप की हत्या के मामले में मेरठ में दिए जा रहे धरने में शामिल होने के लिए भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति को कार्यकर्ताओं के साथ मेरठ जाना था। इसी के चलते शहर कोतवाली पुलिस ने उन्हें देर रात ही हाउस अरेस्ट कर लिया। शुक्रवार को तीन बजे तक पुलिस उनके घर पर मौजूद रहे।