मुजफ्फरनगर। हथौड़ा मारकर की गई बेटे की गैर इरादतन हत्या के मामले में कोर्ट ने सुनवाई कर आरोपी पिता को बरी कर दिया। अभियोजन घटना को साबित करने में नाकाम रहा।
चार वर्ष पूर्व शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छिंपीवाड़ा निवासी दीपक की हथौड़ा मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक की मां पूनम ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका बेटा दीपक बीमार चल रहा था। जिस कारण पिता-पुत्र में मतभेद रहता था।
बताया कि 22 मार्च को घर की ऊपरी मंजिल पर दोनों में झगड़ा हो गया था। आरोप था कि उसके पति बिजेन्द्र उर्फ बबलू ने आवेश में आकर उसके बेटे दीपक के सिर पर हथौड़े से वार कर दिया था। गंभीर हालत में उसे मेरठ मेडिकल ले जाया जा रहा था। इस बीच रास्ते में उसने दम तोड़ दिया था।
पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धाराओं में बिजेंद्र उर्फ बबलू के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। घटना के मुकदमे की सुनवाई जिला जज वीरेंद्र कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन घटना साबित करने में नाकाम रहा। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद बिजेंद्र्र को बरी कर दिया।