एक साल में दस रुपये क्विंटल बढ़ गई लागत
मुजफ्फरनगर। पिछले तीन पेराई सत्र से गन्ना मूल्य में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि गन्ने की फसल की लागत लगातार बढ़ रही है। गन्ना शोध संस्थान मुजफ्फरनगर के आंकलन के अनुसार पिछले साल के मुकाबले गन्ने की फसल में दस रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है।
पेराई सत्र 2018-19 और 2019-20 में 325 रुपये प्रति क्विंटल अगेती और 315 प्रति क्विंटल सामान्य प्रजाति का गन्ना खरीदा गया। सरकार ने 2020-21 में भी इसी रेट की घोषणा कर दी है। पूरे साल की मेहनत के बाद किसान को 18 से 28 रुपये प्रति क्विंटल ही बच पा रहे हैं। गन्ना शोध केंद्र के निदेशक डॉ. वीरेश कुमार का कहना है कि शोध केंद्र पर गन्ने पर टोटल खर्च 297 रुपये 58 पैसे प्रति क्विंटल आ रहा है। पिछले वर्ष यह 287 रुपये प्रति क्विंटल था। इसमें कटाई, ढुलाई, बंधाई का खर्च भी शामिल है।
चीनी मिलों का हर उत्पाद बिकता है
मुजफ्फरनगर। जिले की चीनी मिलों को बीते दो वर्षों से चीनी की रिकवरी में जबरदस्त लाभ है। जो रिकवरी दस से कम रहती थी वह अब 12 प्रतिशत के आसपास चल रही है। चीनी के दाम भी लगभग 3250 रुपये क्विंटल चल रहे हैं। शीरा भी इस बार 500 रुपये क्विंटल बिक रहा है। प्रतिवर्ष यहां की चीनी मिलें लगभग 50 करोड़ की बिजली भी निगम को बेच रही है। इसके अलावा यहां बगास की बिक्री भी होती है।