कोरोना के मरीज दस दिन तक भरेंगे निगरानी चार्ट
मुजफ्फरनगर। कोरोना की दूसरी लहर में लोगों को अधिक सतर्क रहने की निरंतर सलाह दी जा रही है। कोरोना की पहली लहर की तुलना में इस बार अधिक लोग अस्पतालों तक पहुंच भी रहे हैं, लेकिन हल्के या बिना लक्षण वाले कोविड मरीज घर पर रहकर भी स्वस्थ हो सकते हैं। होम आइसोलेशन के नियमों में बदलाव करते हुए संशोधित गाइड लाइंस जारी हुई है।
सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि गाइड लाइन में सभी कोविड मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह नहीं दी गई है। होम आइसोलेशन के लिए इलाज कर रहे चिकित्सक के द्वारा चिकित्सकीय जांच के आधार पर हल्के और बिना लक्षण वाले मरीज के तौर पर प्रमाणित करने की जरूरत को अनिवार्य बताया गया है। ऐसे मामलों में मरीज के घर पर सेल्फ आइसोलेशन और परिवार के लोगों को क्वारंटीन करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
कम प्रतिरक्षा क्षमता वाले यानी एचआईवी, ट्रांसप्लांट कराने वाले एवं कैंसर रोग से पीड़ित लोगों को होम आइसोलेशन में नहीं रहने की सलाह दी गई है। जबकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोग जो उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग एवं कमजोर फेफड़े, गुर्दे की बीमारी से ग्रसित हैं, उनमें कोरोना की पुष्टि होने पर चिकित्सक की अनुमति के बाद ही होम आइसोलेशन में रहने की बात कही गई है। गाइड लाइन में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों को 10 दिनों तक निगरानी चार्ट भरने की सलाह दी गई है। जिसमें प्रत्येक दिन के शरीर के तापमान एवं ऑक्सीमीटर से ह्दय गति एवं ऑक्सीजन के स्तर को भरने की सलाह दी गई है।
देखभालकर्ता इन बातों का रखें ध्यान
सीएमओ डॉ. फौजदार ने बताया कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मरीज दिन में दो बार गर्म पानी से गरारे करें एवं भांप लें। रेमडेसिविर या इस तरह की अन्य अनुसंधान्तामक थेरेपी को लेने से पहले किसी चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है। साथ ही ऐसी दवाओं को खरीदकर घर में रखने एवं खुद से इंजेक्शन नहीं लगाएं। अधिकतम आठ घंटे तक ही एक मास्क का इस्तेमाल करें। सांस लेने में तकलीफ होने पर, ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम होने पर, छाती में लगातार दर्द का बने रहना या अचानक बढ़ जाने पर चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।
दस बाद जांच की जरूरत नहीं
होम आइसोलेशन में रहने वाले रोगी 10 दिनों के बाद बाहर आ सकते हैं। होम आइसोलेशन से बाहर आने के बाद जांच की कोई आवश्यकता नहीं होती है। होम आइसोलेशन के दौरान रोगी अधिक से अधिक आराम करें और खूब पानी पीकर शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ाएं।