कोरोना से रजिस्ट्री में राजस्व को 27 करोड़ का नुकसान
मुजफ्फरनगर। कोरोना ने रजिस्ट्री में ही सरकार को तीन माह में जिले में 27 करोड़ की चपत लगा दी है। बीते वर्ष अप्रैल, मई, जून में सरकार को 46 करोड़ 55 लाख 18 हजार का राजस्व मिला था जो इस बार केवल 19 करोड़ 68 लाख 89 हजार रह गया है। रजिस्ट्री भी गत वर्ष से आधी ही हो पाई हैं।
जमीन, दुकान, मकान आदि के बैनामे, इकरारनामा, वसीयतनामा, मुख्तारनामा, पट्टा आदि सरकार के राजस्व के मुख्य स्रोत हैं। जिले की चारों तहसीलों में बीते तीन महीनों में रजिस्ट्री कम होने से 27 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। वर्ष 2019-20 में जिले में एक अप्रैल से लेकर 30 जून तक 13 हजार 925 लेख पत्रों के माध्यम से सरकार को 46 करोड़ 55 लाख 18 हजार का राजस्व मिला था। इसमें 6887 बैनामों से 44 करोड़ 36 लाख नौ हजार मिले थे। बाकी आय मुख्तारनामा, वसीयतनामा, पट्टा और इकरारनामा से हुई। वर्ष 2020-21 में इन तीन महीनों में केवल 6060 लेख पत्रों से 19 करोड़ 68 लाख 89 हजार की आय हुई। इसमें 3235 बैनामों से 18 करोड़ 99 लाख 71 हजार का राजस्व मिला। बाकी आय इकरारनामा, पट्टा, वसीयतनामा, मुख्तारनामा आदि से हुई। सरकार को इन तीन महीनों में बीते वर्ष के मुकाबले सीधे 27 करोड़ का नुकसान हुआ है।
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राजस्व प्राप्ति वर्ष 2019 वर्ष 2020
कुल लेख पत्र 13925 6060
बैनामे 6887 3235
मुख्तारनामा 191 52
वसीयतनामा 896 467
इकरारनामा 643 290
पट्टा 99 30
कुल आय 46.55 करोड़ 19.68 करोड़
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अप्रैल, मई में लगा झटका
मुजफ्फरनगर। सहायक महानिरीक्षक निबंधन पुनीत कुमार का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते सम्पूर्ण लॉकडाउन के कारण रजिस्ट्री का कार्य भी प्रभावित हुआ है। विभाग के राजस्व को अप्रैल और मई में अधिक नुकसान हुआ है। जून माह में रफ्तार पकड़ी है। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है।