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Muzaffarnagar News: वाल्मीकि चौराहे के नाम पर विवाद, रात में लगाया फ्लैक्स...सुबह गायब

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मुजफ्फरनगर। महर्षि वाल्मीकि के नाम से शहर में चौराहे के नामकरण का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के पदाधिकारियों ने रेलवे रोड तिराहे पर मंगलवार रात फ्लेक्स लगाकर नामकरण कर दिया लेकिन बुधवार को फ्लेक्स गायब हो गए। संगठन ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल से बातचीत के बाद भविष्य की रणनीति बनाई जाएगी।
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टाउनहॉल में महर्षि वाल्मीकि जयंती की शोभायात्रा के कार्यक्रम में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल की मौजूदगी में यह सुझाव दिया गया था कि रेलवे रोड तिराहे का नाम महर्षि के नाम पर किया जाए। इसके बाद मंगलवार रात भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के प्रदेश अध्यक्ष सनी सिलेलान, जिलाध्यक्ष कपिल पहीवाल और अमित अटवाल तिराहे पर पहुंचे और यहां लगे पोल के चारों ओर फ्लेक्स लगाकर नामकरण कर दिया।

पदाधिकारियों के फ्लेक्स लगाते हुए वीडियो भी वायरल हुए। बुधवार सुबह मौके से फ्लेक्स गायब मिले। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सनी सिलेलान ने कहा कि राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल को मामले की जानकारी दी गई है। जल्द ही प्रकरण में संगठन की बैठक बुलाकर मंत्री से मुलाकात की जाएगी और भविष्य की रणनीति तैयार करेंगे। फ्लेक्स किसने उतारे इस बात की अभी उन्हें जानकारी नहीं है।
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इनसेट

तीन साल पहले भी हटवा दिए गए थे बोर्ड

वाल्मीकि क्रांति दल के अध्यक्ष दीपक गंभीर ने बताया कि वर्ष 2023 में भी पालिका के सामने तिराहे का नाम भगवान वाल्मीकि के नाम पर रखा गया था। बोर्ड लगा दिया गया था लेकिन बाद में उसे हटवा दिया गया। तब भी कुछ लोगों के विरोध के कारण जनप्रतिनिधियों ने दूसरा स्थान देने का वादा किया था लेकिन अभी तक वादा अधूरा है। महर्षि के नाम पर शहर में कोई स्थान नहीं दिया जा रहा है।

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अब इसलिए बढ़ रहा है विवाद

पिछले साल महर्षि वाल्मीकि जयंती पर टाउनहॉल में कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने नावल्टी चौराहे का नाम महर्षि के नाम पर करने की बात कही थी। इसी बीच सपा के राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा ने कहा था कि वह मूर्ति उपलब्ध कराएंगे। दो दिन पहले टाउनहॉल में हुए कार्यक्रम में वाल्मीकि समाज ने पिछले साल के वादे को याद दिलाया। यहां पर माइक को लेकर छीना-झपटी शुरू हो गई थी। अब फिर से चौराहे के नामकरण का विवाद तूल पकड़ने लगा है।

सार्वजनिक मंच पर गलत व्यवहार : बालियान

पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक बालियान ने जनप्रतिनिधियों के बीच हुए प्रकरण में बयान जारी कर कहा कि यह घटना सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और आचरण के महत्व पर गंभीर बहस खड़ी करती है। सार्वजनिक मंच पर गलत व्यवहार से नेता की छवि को नुकसान होता है। इससे पार्टी की साख पर भी असर पड़ता है। गलतियों को स्वीकार करना एक परिपक्व राजनेता की पहचान है।
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