मुजफ्फरनगर। जिले में राशन की घटतौली बड़े पैमाने पर होती है। विधिक माप विज्ञान विभाग और राशन विक्रेताओं के बीच मिलीभगत से घटतौली का खेल लगातार चल रहा है। नतीजतन उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग का दावा है कि वह लगातार निरीक्षण करते हैं और जहां गड़बड़ी मिलती है वहां कार्रवाई भी होती है।
राशन की दुकानों पर फर्जी राशन कार्ड का खेल तो खत्म हो गया है। ई-पॉस मशीनों से अनाज मिलने के बाद से अब किसी उपभोक्ता का राशन आसानी से डकारा भी नहीं जा सकता। अब राशन में जो खेल रह गया है, इसमें घटतौली मुख्य है। राशन विक्रेताओं उपभोक्ताओं के साथ घटतौली कर छल करते हैं। घटतौली रोकने को जिले में विधिक माप विज्ञान विभाग कार्रवाई करता है। राशन के खेल में विभाग की भूमिका भी सवालों से घिरी रहती है। विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश प्रजापति का दावा है कि एक अप्रैल 2020 से लेकर अब तक वह 120 दुकानों का निरीक्षण कर चुके हैं। 18 राशन की दुकानों पर अनियमितता मिली है। जो अनियमितता मिली है उसमें तौल मशीन का समय से सत्यापन नहीं होना आदि शामिल है। तीन दुकानों पर घटतौली भी पकड़ी है। सभी 18 दुकानों पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। 15 राशन विक्रेता दंड का पैसा जमा भी कर चुके हैं। तीन पर कार्रवाई प्रक्रिया में है।