तहसील में एसडीएम का घेराव करते वकील।
- फोटो : अमर उजाला
तहसील में वकीलों द्वारा कराए जा रहे चैंबर के निर्माण कार्य को एसडीएम ने पुलिस बुलवाकर रुकवा दिया। इससे वकीलों में आक्रोश फैल गया। वकीलों का आरोप है कि एसडीएम ने मजदूरों को मारपीट कर भगा दिया। उन्होंने एसडीएम का घेराव कर निर्माण कार्य रुकवाने का विरोध जताया। एसडीएम ने वकीलों को चेताया कि वे किसी भी सूरत में वकीलों को नए चैंबरों का निर्माण कार्य करने नहीं देंगे। वकीलों ने एसडीएम के व्यवहार से क्षुब्ध होकर न्यायालय का बहिष्कार करने की चेतावनी है।
तहसील के अंदर परिसर में अधिवक्ता देवकांत त्यागी और कदम सिंह चंदेल चैंबरों का निर्माण करा रहे हैं। बुधवार को इसकी जानकारी मिलने पर एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने पुलिस को बुलवाकर निर्माण कार्य को रुकवा दिया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम ने निर्माण कार्य कर रहे मजदूरों को पीटकर वहां से भगा दिया। इससे अधिवक्ताओं में भारी रोष है।
इसके बाद वकीलों ने एकत्र होकर एसडीएम का उनके आफिस में घेराव करते हुए विरोध जताया। एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता का कहना है कि तहसील परिसर में डीएम के आदेशानुसार ही सरकार की ओर से वकीलों के चैंबर बनाकर दिए जाएंगे। परिसर में कोई भी वकील अपनी तरफ से चैंबरों का निर्माण नहीं कर सकता है। इसके लिए वे बार संघ एसोसिएशन को लिखकर भी देने को तैयार हैं।
उधर, वकीलों ने चेतावनी दी कि वे यदि यह रवैया नहीं छोड़ा गया तो वे एसडीएम और तहसीलदार की कोर्ट का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। इसके लिए जल्द ही बैठक करने का निर्णय लिया गया। घेराव करने वालों में बार संघ अध्यक्ष चतरपाल सिंह, महासचिव नवीन उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष कैलाश चंद गुप्ता, दिमाग सिंह, राजबीर सिंह गुर्जर, बीडी आर्य, योगेश खारी, सुमित कुमार, अशोक अहलावत, मूलचंद, सरदार जितेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।