सिविल बार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मंचासीन अतिथि : स्रोत आयोजक
मुजफ्फरनगर। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने देश के संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए संविधान में निहित मूल अधिकारों और मूल कर्तव्यों की जानकारी दी। उन्होंने संविधान को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को पालन करना चाहिए।
अधिवक्ता परिषद ब्रज की मुजफ्फरनगर इकाई एवं सिविल बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में संविधान का अमृतकाल पर सिविल बार एसोसिएशन के राष्ट्रीय सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि ने संविधान में दिए गए अधिकारों की जानकारी भी दी। प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार संविधान में प्रदान किए गए हैं।
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील मित्तल ने युवा अधिवक्ताओं को संदेश दिया कि वह शॉर्टकट रास्ते न अपनाएं। मेहनत, ईमानदारी और लगन से आगे बढ़ने का कार्य करें। मेहनत के बल पर ही सच्ची सफलता हासिल की जा सकती है। इससे पहले उन्होंने महिला अधिवक्ताओं के कॉमन कक्ष का फीता काटकर शुभारंभ किया। सरस्वती शिशु मंदिर केशवपुरी के छात्र-छात्राओं ने भी प्रस्तुति दी।
इस मौके पर न्यायाधीश अलका भारती, आदेश नैन, महासचिव राज सिंह रावत, जिला बार संघ के महासचिव चंद्रवीर सिंह, अधिवक्ता परिषद ब्रज प्रांत के अध्यक्ष सुभाष गुप्ता, महामंत्री प्रमोद त्यागी, विजय कुमार त्यागी, मनोज शर्मा, अरुण शर्मा, डीजीसी राजीव शर्मा, यशपाल सिंह, कमलकांत मौजूद रहे। संचालन बिपाशा गौतम एवं ललिता ने किया।