चिलकाना। गांव आल्हणपुर से होकर गुजरने वाले खनिज सामग्री से लदे वाहनों के परिवहन को लेकर ग्रामीणों और स्टोन क्रशर संचालकों के बीच चल रहा विवाद सोमवार को उप जिलाधिकारी सदर और पुलिस की मध्यस्थता से समाप्त हो गया। बैठक में ग्रामीणों की शर्तों पर खनन वाहनों के संचालन को लेकर दोनों पक्षों में सहमति बन गई।
कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों ने आल्हणपुर मार्ग से खनन वाहनों का आवागमन बंद कराने की मांग को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिया था। ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए मार्ग पर लोहे के पिलर भी लगा दिए थे। इसके बाद से ग्रामीणों और स्टोन क्रशर संचालकों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। अधिकारियों द्वारा दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने के प्रयास किए जा रहे थे।
सोमवार को उप जिलाधिकारी सदर सुबोध कुमार और थाना पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों की बैठक हुई। इसमें ग्रामीणों ने शर्त रखी कि खनन वाहनों का परिवहन रात आठ बजे से सुबह पांच बजे तक ही किया जाए। आल्हणपुर गांव से केवल खाली वाहन गुजरेंगे, जबकि भरे वाहनों का आवागमन दभेड़ा कला मार्ग से होगा। इसके अलावा आबादी क्षेत्र से गुजरने वाले वाहनों की गति सीमा 20 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित करने, इसकी निगरानी के लिए क्रशर संचालकों की ओर से कर्मचारी तैनात करने, मार्ग पर गति सीमा संबंधी होर्डिंग लगाने, खनन परिवहन मार्ग पर नियमित पानी का छिड़काव करने और सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग रखी गई। स्टोन क्रशर संचालकों ने ग्रामीणों की सभी शर्तें स्वीकार कर लीं।
खनन वाहनों के निकलने को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया था। तनाव को देखते हुए स्टोन क्रशर संचालकों और ग्रामीणों के बीच समझौता बैठक कराई गई है। दोनों के बीच सहमति बन गई है।
- सुबोध कुमार, एसडीएम सदर