संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। जांच में दर्द निवारक और सूजन कम करने की दवा के पांच नमूने अधोमानम और एक नकली पाए गए। सात मेडिकल एजेंसी के विरुद्ध कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया गया है। वहीं दवा निर्माता कंपनियों पर भी पर कार्रवाई की जा रही है।
नगर की जिला परिषद मार्केट से उत्तराखंड और हरियाणा सहित आसपास के कई जनपदों में दवाइयां सप्लाई हो रही हैं। पिछले साल औषधि निरीक्षक की ओर से जिला परिषद मार्केट के थोक दवा विक्रेताओं के यहां छापेमारी कर करीब साढ़े आठ लाख की नकली दवा बरामद की गई थी। इसके बाद दवा के अलग-अलग नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए थे।
-ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई
शहर के जिला परिषद मार्केट में की गई छापेमारी के बाद दवा के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए थे। जांच में दवा के पांच नमूने अधोमानक और एक नमूना नकली पाए जाने पर आरोपी मेडिकल एजेंसी स्वामियों के विरुद्ध ड्रग एंड कोस्मेटिक्स एक्ट 17 ए और 17 बी के तहत कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया गया है।
-दवा के सात थोक विक्रेताओं के विरुद्ध दर्ज कराया गया वाद
जिला औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य ने बताया कि परीक्षण रिपोर्ट में दवा का नमूना नकली पाए जाने पर श्रीबालाजी मेडिकल एजेंसी के विरुद्ध कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया गया है। वहीं सीमा मेडिकल एजेंसी, यूनिक मेडिकल एजेंसी, श्रीगणेश, एसआर मेडिकल एजेंसी और वासुदेव मेडिकल एजेंसी से लिए गए दवा के नमूने भी अधोमानक पाए गए। सभी मेडिकल एजेंसी के विरुद्ध परिवाद दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि अधोमानक बरामद हुई दवा चायमारोल फोर्ट बनाने वाली कंपनियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है, जिसके दायरे में गाजियाबाद की फर्म विमल एवं मुंबई की महालक्ष्मी शामिल हैं।
-इन दवाइयों के नमूने भी पाए जा चुके हैं अधोमानक
छापेमारी कर गत वर्ष लिए गए सैंपल की जांच में बच्चों को भूख बढ़ाने के लिए दिए जाने वाली एपेटाइजर ओरल ड्राप्स, दिमागी बीमारी में दी जाने वाली दवा लिब्रोसार टेबलेट, इंफेक्शन दूर करने के लिए दी जाने वाली मेडोजेफ-ओ, गाल ब्लेडर में पथरी के उपचार की उडिविक-300, स्पोंडिलाइटिस में दर्द निवारक इंजेक्शन डायक्लोफेनाक सोडियम के नमूने अधोमानक पाए गए। चाइमोरल फोर्ट के आठ में से छह नमूने अधोमानक पाए गए। वहीं टोडमिस्ट-एएम, बेटाकोन, अयारफेक्स, लिलिकोन-ओसी आदि दवाइयों के भी नमूने अधोमानक पाए गए। सभी दवा एजेंसियों के विरुद्ध परिवाद दर्ज कराया गया है।