अधिवेशन में विचार रखते असम सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल
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देवबंद। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के मुखिया, असम से सांसद व जमीयत की असम शाखा के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कॉमन सिविल कोड को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मुस्लिम पर्सनल लॉ को समाप्त कर इस्लाम मजहब की नीतियों में सीधा हस्तक्षेप कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जमीयत अधिवेशन में शामिल होने आए मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि कॉमन सिविल कोड मूल संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने वाला है। मुस्लिम पर्सनल लॉ में ट्रिपल तलाक, विवाह, विरासत और खुला सहित ऐसे बहुत से नियम है जो किसी व्यक्ति के बनाए हुए कानून नहीं हैं। बल्कि कुरआन और हदीस से उन्हें लिया गया है। मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि इन नियमों में हस्तक्षेप करना भारतीय संविधान की धारा 25 में दी गई गारंटी के विरुद्ध है। आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार मुस्लिम पर्सनल लॉ को समाप्त कर इस्लाम धर्म की नीतियों में सीधे तौर पर हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने कहा कि मुसलमान इस्लामी कायदे कानूनों को लेकर बेहद संजीदा है और वह इसमें किसी भी सूरत में दखलंदाजी को बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर सरकार कॉमन सिविल कोड को जबरन थोपेगी तो इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।