मुजफ्फरनगर। पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बीच अब सीएनजी वाहन चलाना भी महंगा हो गया है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने सीएनजी की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। इसके बाद सीएनजी का दाम बढ़कर 95.47 रुपये प्रति किलो हो गया है। सीएनजी के बढ़े दाम का सीधा असर ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों से सफर करने वाले लोगों की जेब पर पड़ेगा। चीनी और प्याज की कीमतों में वृद्धि के बाद अब सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी से आम आदमी को महंगाई की दोहरी मार का सामना करना ।
सीएनजी की कीमत बढ़ने से सबसे अधिक परेशानी उन वाहन चालकों को होगी, जो प्रतिदिन लंबा सफर करते हैं। सीएनजी से चलने वाली टैक्सी एवं बड़ी गाड़ियों के लिए मुश्किल खड़ी होगी। इसका सबसे बड़ा कारण ईंधन की कीमत बढ़ने के बावजूद लंबे समय से किराये की दर पुरानी बनी रहना है।
ऐसे में सीएनजी महंगी होने से उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च होगा। इसके साथ ही परिवहन लागत बढ़ने से ऑटो, टैक्सी और माल ढुलाई की लागत पर इसका असर पड़ेगा।
दाम बढ़ने से प्रतिमाह सैकड़ों रुपये का आएगा अंतर
रामपुरम निवासी अनिल का कहना है कि उनकी कार सीएनजी से चलती है। सीएनजी के दाम में करीब चार रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी छोटी नजर आ सकती है। लेकिन प्रतिदिन कई किलो सीएनजी इस्तेमाल करने पर माह में बढ़ा खर्च सैकड़ों रुपये में नजर आएगा। सीएनजी से चलने वाली गाड़ी इसलिए ली थी कि खर्च कम आता था। लेकिन अब तो लगभग पेट्रोल के बराबर ही खर्च आएगा।
-
चार माह में बढ़ गए नौ रुपये, किराया जस का तस
ग्रामीण बस सेवा संचालक तौसीफ अहमद का कहना है कि सीएनजी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जब उन्होंने गाड़ी चलानी शुरू की थी तो उस समय सीएनजी का दाम 86 रुपये प्रति किलो था। चार माह के दौरान दामों में नौ रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। लेकिन किराया एक भी पैसा नहीं बढ़ाया गया। इससे मिनी बस संचालन का खर्च बढ़ रहा है।