मुजफ्फरनगर। प्रदेश के सबसे चर्चित प्रकरणों में शामिल 35 साल पुराने धौलड़ी कांड की सुनवाई अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-10 से पत्रावलियां अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 में ट्रांसफर कर दी गई है। सीबीसीआईडी ने भी पैरवी की तैयारी की। सुनवाई के लिए 29 मई नियत की गई।
16 जुलाई वर्ष 1991 को तितावी क्षेत्र के धौलड़ी गांव में डकैती की सूचना पर पुलिसकर्मी सादी वर्दी में दबिश देने के लिए पहुंचे थे। ग्रामीणों ने बदमाश समझकर लाइसेंस बंदूकों से फायरिंग कर दी।
फायरिंग में हेड कांस्टेबल हरेंद्र की मौत हो गई थी, जबकि पुलिसकर्मी रामभूल सिंह और जवाहर सिंह घायल हो गए थे। तत्कालीन थानाध्यक्ष कुंवरपाल वर्मा ने सात ग्रामीणों को नामजद करते हुए 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया था।
सीबीसीआईडी ने जांच के बाद एक आरोपी जगलेश कुमार का नाम जोड़ते हुए आठ आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद भी आरोपी लंबे समय तक सुनवाई पर नहीं पहुंचे थे। अभी तक यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-10 में चल रहा था। आरपियों के हाईकार्टचले जाने के कारण 2022 तक स्टे रहा।धौलड़ी निवासी नेपाल, जसवीर और हरवीर की केस के दौरान मृत्यु होने के कारण केस से नाम उपशमित (कम) कर दिए हंै।