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Muzaffarnagar News: प्रसूता की मौत को लेकर सीएमओ कार्यालय घेरा

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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। करीब एक माह पहले ऑपरेशन के बाद हुई प्रसूता की मौत के मामले में भाकियू अराजनीतिक के कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम सील करने और पुन: जांच की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों की मांग पर सीएमओ ने मामले में चिकित्सकों का एक नया पैनल गठित कर पुन: जांच के आदेश दिए। जिस पर धरना समाप्त करने की घोषणा की गई।

भोपा के गांव निरगाजनी निवासी सुमित ने अपनी पत्नी पूनम को प्रसव के लिए 28 फरवरी को नई मंडी स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। महिला ने ऑपरेशन से बेटी को जन्म दिया। आरोप था कि महिला को दर्द हुआ तो शिकायत पर चिकित्सक ने उसको चांटे मारे थे। हालत बिगड़ने पर रेफर कर दिया, लेकिन हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी।
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नाराज परिजनों ने शव अस्पताल गेट पर रखकर हंगामा किया गया था। जांच के लिए एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार के निर्देशन में कमेटी का गठन किया गया था। जांच में महिला की मौत का कारण सैप्टीसीमिया आया था। जिस पर आरोपी चिकित्सक को क्लीन चिट दे दी गई थी।
जांच कमेटी के निर्णय पर सवाल उठाते हुए भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष सुधीर पहलवान के नेतृत्व में सीएमओ कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। साथ ही आरोपी चिकित्सक का नर्सिंग होम सील करने की मांग करते हुए भाकियू अ. कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय में ही धरना देकर बैठ गए।
जानकारी पर सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप भी सीएमओ कार्यालय पहुंचे। सीएमओ से वार्ता के बावजूद भाकियू कार्यकर्ताओं ने नर्सिंग होम सील करने के अलावा किसी भी आश्वासन को मानने से इंकार कर दिया। बाद में भाकियू कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में मृतक के परिजनों की ओर से सीएमओ को लिखित में देकर प्रसूता की मौत के मामले की जांच अन्य चिकित्सकों से कराने की मांग की गई।
सीएमओ ने स्वीकार करते हुए जांच के लिए नए पैनल का गठन कर दिया। धरने में भाकियू अराजनैतिक के युवा जिलाध्यक्ष विनीत त्यागी, अंकित जावला, धीरज त्यागी आदि शामिल रहे।
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-तीन चिकित्सकों का पैनल करेगा पुन: जांच: डॉ. सुनील तेवतिया
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि एसीएमओ डॉ. प्रशांत जैन की अध्यक्षता में तीन चिकित्सकों की एक कमेटी गठित कर सात दिन में आख्या देने के निर्देश दिये गए हैं। कमेटी में एसीएमओ डॉ. प्रशांत और जिला महिला अस्पताल की चिकित्सक डॉ. अनिता को भी शामिल किया गया है।
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