मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद के सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार से शहर से कूड़ा उठाना बंद कर दिया। सफाई कर्मियों की हड़ताल को ईओ विकास सेन ने गैरकानूनी बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की टीम शहर में सफाई कार्य को देखने के लिए आ रही है, इस बीच कर्मचारियों की हड़ताल गलत है। उनकी समस्याओं के निराकरण को पालिका गंभीर है।
चार जनवरी से सफाई कर्मचारी संघ के आह्वान पर पालिका प्रशासन के विरुद्ध आंदोलन चल रहा है। इसी कड़ी में वार्ता विफल हो जाने पर संघ नेताओं ने कामबंद हड़ताल का एलान किया था। मंगलवार सवेरे कार्यवाहक अध्यक्ष राजूू वैद और महामंत्री मदनलाल वाल्मीकि ने शहर के सभी वार्डों में घूमकर सफाई कर्मचारियों को हड़ताल की जानकारी दी और काम बंद कराया।
इसके बाद दोपहर को उन्होंने टाउनहाल में कर्मचारियों के साथ मीटिंग कर हड़ताल को सफल बनाने की रणनीति बनाई। मदनलाल ने कहा कि पालिका प्रशासन कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करते हुए अपने स्वार्थ की पूर्ति करने में लगा हुआ है। ठेके पर रखे गए कर्मचारियों को करीब पांच माह से वेतन नहीं मिला है, लेकिन पालिका प्रशासन ने एटूजेड को छह लाख रुपये का भुगतान जारी कर दिया है।
कर्मचारियों को बोनस नहीं मिला, संविदा कर्मचारियों का एरियर का भुगतान लंबित है, उपकरण नहीं है, ऐसे में प्रशासन कर्मचारियों पर कार्य का दबाव बनाता है। संसाधन की मांग करने पर पालिका प्रशासन का रवैया भी सकारात्मक नहीं है। इसलिए विवश होकर हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा है। इस अवसर पर राजू वैद, मदनलाल के अलावा कालूराम पारचा, सरोज सुधा, श्यामलाल, राजकुमार, देवीदास आदि मौजूद रहे।
उधर, ईओ विकास सेन का कहना है कि केंद्र सरकार की एक टीम शहर में सफाई की जांच करने के लिए आ रही है। ऐसे में हड़ताल का कोई औचित्य नहीं है। पालिका सफाई कर्मियों की समस्याओं को लेकर गंभीर है।