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शहर के गांधी पार्क को जीर्णोद्धार का इंतजार

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मुजफ्फरनगर के प्रेमपुरी में पार्क में स्थित गांधी की प्रतिमा। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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शहर के गांधी पार्क को जीर्णोद्धार का इंतजार
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मुजफ्फरनगर। प्रेमपुरी में स्थित गांधी पार्क अपने सुंदरीकरण का इंतजार कर रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति का भी यहां सही प्रकार से रखरखाव नहीं हो पा रहा है। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने 27 लाख रुपये का प्रस्ताव जीर्णोद्धार के लिए किया है, लेकिन प्रस्ताव के तीन माह बाद भी अभी तक कोई कार्य यहां नहीं हो पाया है।
शहर में प्रेमपुरी में गांधी पार्क स्थित है। यहां पार्क में गांधी की प्रतिमा भी लगी हुई है। महात्मा गांधी का पार्क जितना अच्छा और सुंदर होना चाहिए, यहां ऐसा कुछ नहीं है। पार्क में आम आदमी घूमने की स्थिति में नहीं है। न तो यहां सफाई है और न ही पार्क का सुंदरीकरण है जो आम आदमी का मन लगे। इस पार्क की दुर्दशा को देखते हुए चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने पार्क के सुंदरीकरण और गांधी जी की प्रतिमा को लेकर 27 लाख का प्रस्ताव पास कराया। पार्क के सुंदरीकरण के प्रस्ताव को तीन माह हो चुके हैं, अभी तक कोई कार्य नहीं हो पाया है। लोगों को उम्मीद थी की पुण्यतिथि से पहले महात्मा गांधी के इस पार्क का उद्धार हो जाएगा, लेकिन ऐसा हो ही नहीं पाया है। आस-पास के रहने वाले नागरिकों का कहना है कि पार्क सुंदर बन जाएगा तो यहां लोग सुबह-शाम को बैठ पाएंगे। इस संबंध में चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि पालिका ने पार्क के सुंदरीकरण के लिए टेंडर जारी कर दिया है।
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बापू से मुलाकात के बाद स्वामी जी ने जलाई थी शिक्षा की अलख
मुजफ्फरनगर। शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याणदेव 1935 में साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी से मिलें। ग्रामोत्थान के विषय पर चर्चा हुई। बापू से मुलाकात के उपरांत स्वामी जी ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाई। सैकड़ो स्कूल, कॉलेज स्थापित कराये। शहर में भोपा रोड पर गांधी पॉलिटेक्निक की नींव रखी। गांधी की प्रतिमा लगवाई, जिसका लोकार्पण सूबे के तत्कालीन सीएम डॉ. संपूर्णानंद ने किया था। चरथावल श्री अरविंद आश्रम के संस्थापक रहे महान योगी आचार्य अभयदेव को बापू का साथ मिला था। आचार्य ने बापू के वर्धा आश्रम में हिंदी भाषणों से बापू को सम्मोहित किया था। संवाद
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