मुजफ्फरनगर। पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकारी स्तर पर भी खूब प्रयास किए जा रहे हैं। जानमानस को प्रकृति के नजदीक लाने के लिए पौधरोपण जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। शासन ने अब शहरों में सिटी फारेस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि लोग पर्यावरण के संरक्षण में सहयोग दे सकें और बढ़ रहे प्रदूषण को रोका जा सके।
शहरी क्षेत्रों में खत्म होते जा रहे पाक एवं पेड़-पौधे पर्यावरण के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। जिसको देखते हुए शासन ने शहरों या उनके नजदीकी क्षेत्रों में सिटी फारेस्ट विकसित करने के निर्देश दिए हैं। डीएफओ सूरज ने बताया कि हाल ही में शासन से इस संबंध में आदेश मिले हैं। यहां भी सिटी फारेस्ट विकसित किया जाना है। इसमें लगभग 6600 पौधे लगाए जाएंगे। पिछले वर्ष खतौली में इस तरह का प्रयास हुआ था। वह आवास विकास की कॉलोनी में था। उसमें वन विभाग ने ही 500 पौधे लगाए थे, लेकिन इस बार जनमानस को ही पौधे लगाने हैं और उनकी देखभाल करनी है। एमडीए सिटी फारेस्ट के लिए जमीन तलाश रहा है। शहर में तो खाली भूमि का मिलना मुश्किल है। बामनहेड़ी में एमडीए की कुछ जमीन है। इस पर सिटी फारेस्ट बनाया जा सकता है। इस संबंध में एमडीए अधिकारियों से बात चल रही है। यदि बामनहेड़ी में बात नहीं बनती तो कहीं और भूमि तलाशी जाएगी।
इन्होंने कहा...
सिटी फारेस्ट के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। अभी बामनहेड़ी को फाइनल नहीं किया गया है, लेकिन जल्द ही कहीं न कहीं भूमि चिह्नित कर ली जाएगी। - महेंद्र प्रसाद, सचिव, एमडीए।
जिले में इस बार लगाए जाएंगे 20.22 लाख पौधे
मुजफ्फरनगर। जिले में एक बार फिर बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। बरसात के सीजन में इस बार 20.22 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। डीएफओ सूरज ने बताया कि प्रतिवर्ष पौधे लगाए जाते हैं। बीते वर्ष 16.27 लाख पौधे लगाए गए थे। इस बार लक्ष्य बढ़ाकर 20 लाख 22 हजार 670 कर दिया है। पौधरोपण के लिए पौध तैयार हैं। शासन से कोई एक दिन निर्धारित कर पौधे लगाए जाएंगे। फिलहाल दिन का निर्धारण नहीं हुआ है।