मुजफ्फरनगर। सरकुलर रोड स्थित चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज के 90वें स्थापना दिवस पर पुरातन छात्र जुटे तो यादों का पिटारा भी खुला गया। पुराने किस्से-कहानियां सुनाई गई। यादें साझा करते हुए आंखों की चमक भी बढ़ गई। पुरातन छात्र, शिक्षक और समाज के गणमान्य लोग जुटे। शिक्षा के क्षेत्र में महान स्वतंत्रता सेनानी और दूरदर्शी नेता चौधरी छोटूराम के अमूल्य योगदान को याद किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन से हुआ। मुख्य अतिथि संस्था के छात्र रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि चौधरी छोटूराम ने जिले को एक कृषि विद्यालय की सौगात देकर क्षेत्र के युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त किया।
पुरातन छात्र प्रोफेसर डॉ. सोमपाल बालियान, डॉ. सुबोध कुमार और डॉ. नीरज सिंघल और रामपाल सिंह ने कॉलेज की पुरानी यादों को साझा किया। अध्यक्षता मांगेराम वर्मा और संचालन संजीव कुमार जावला ने किया।
प्रधानाचार्य योगेंद्र सिंह मलिक ने बताया कि पुरातन छात्रों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। आयोजन में विजेंद्र सिंह, यशोधन सिद्धू, पंकज वर्मा, संतराम, विकास बालियान, प्रवेश कुमार, अक्षय कुमार, डॉ. अमन कुमार, सचिन और मयंक पांडेय उपस्थित रहे।
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90 वर्षों का गौरवशाली इतिहास
प्रधानाचार्य योगेंद्र मलिक ने विद्यालय के 90 वर्षों के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज की स्थापना दो जनवरी 1935 को हुई थी। विद्यालय निर्माण के लिए चौधरी छोटूराम ने चांदी के सिक्कों से भरा बोरा लेकर समाज से सहयोग की अपील की थी। उनके अथक प्रयासों और समाज के सहयोग से ही विद्यालय का निर्माण संभव हुआ। पहले जाट विद्यालय के नाम से आठवीं कक्षा तक की मान्यता प्राप्त थी। 1937 में यह जाट हाई स्कूल बना और 1941 में कृषि विज्ञान वर्ग के साथ चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज के रूप में मान्यता प्राप्त हुई। 1944 में कला और विज्ञान विषयों को भी शामिल किया गया।