राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर आयोजित पंचायत में टिकैत ने कहा कि उन्होंने शेर के मुंह में हाथ डाल दिया है, इस बार छोड़ दिए। अब कोई मुकदमा नहीं कराना चाहते, मुकदमा तो बुजदिल करते हैं। अगर कहीं किसान-मजदूरों के सम्मान को ठेस पहुंचती है तो एकजुट हो जाएं।
किसानों के सहयोग से सब बौने साबित हो गए। हमारा मकसद किसी मांग को लेकर यहां आना नहीं था, किसान-मजदूरों की अपनी ताकत दिखाने का भी था। किसान किसी से कमजोर नहीं है।
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पंचायत में शामिल भाकियू कार्यकर्ता
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टिकैत बोले, किसी को परेशानी तो हमें खेद
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने टाउनहॉल में कहा कि यह अचानक हुआ। किसानों इस तरह नहीं आना चाहते थे, लेकिन मजबूरी हो गई थी। शहर की जनता की सुविधाओं का ध्यान रखा गया। इसके बावजूद अगर किसी को परेशानी हुई हो तो वह खेद भी जताते हैं। हमारे बयान को तोड़ मरोड़कर पेश कर दिया गया। शहर में किसी व्यक्ति का अगर कोई नुकसान हुआ है तो वह हमें जानकारी दें, इसका भुगतान संगठन की ओर से कर दिया जाएगा।
आतंकवादियों को लगेंगी सात-सात गोली : टिकैत
भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवादियों को ढूंढकर एनकाउंटर कर देना चाहिए। यह सरकार की जिम्मेदारी है, इसमें आम जनता क्या कर सकती है। भाजपा में एक या दो प्रतिशत लोग ही गलत मानसिकता के हैं। पुलिस-प्रशासन को खुद जांच करें, हम कोई कार्रवाई नहीं चाहते।